सकरन (सीतापुर)। लखुआबेहड़ में सोकफिट ह्यूमपाइप व हैंडपंप रिबोर के नाम पर एक साल में 11 लाख रुपये निकाल लिए गए, लेकिन काम काम नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की है। अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।
सकरन विकास खंड की ग्राम पंचायत लखुआबेहड़ के ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान, सचिव व जेई ने सांठगांठ करके बगैर कार्य करवाए लाखों की धनराशि की बंदरबांट की है। एक साल के भीतर सोकफिट निर्माण, ह्यूमपाइप के नाम पर 6 लाख 92 हजार 547 रुपये और हैंडपंप रिबोर के नाम पर 4 लाख 31 हजार 303 रुपये निकाल लिए गए, लेकिन कार्य नहीं करवाए गए। यह धनराशि जनवरी 2024 से जनवरी 2025 के बीच निकाली गई है। ग्राम पंचायत में एक भी सोकफिट का निर्माण नहीं करवाया गया और न ही ह्यूम पाइप डलवाई गई। ग्राम पंचायत व उसके मजरों में लगे अधिकतर इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़े हैं।
इसके अलावा मनरेगा में हर रोज सैकड़ाें मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देकर जांच व कार्रवाई की मांग की है। अवर अभियंता सुभाष वर्मा ने बताया शिकायत मिली है, जांच कराई जाएगी। खंड विकास अधिकारी श्रीश गुप्ता ने बताया जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।