सीतापुर। सेक्रेड हार्ट डिग्री कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के विशेष शिविर के तीसरे दिन शुक्रवार को ग्राम टेढ़वा में कृषि वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को खेतीबाड़ी के गुर सिखाए। इसके साथ ही उन्हें आधुनिक तरीके से खेती करने की नसीहत भी दी।
सात दिनी विशेष शिविर के तीसरेे दिन के प्रथम सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र द्वितीय कटिया मानपुर से आए वैज्ञानिक डॉ. दया श्रीवास्तव, डॉ. आनंद सिंह एवं सचिन प्रताप सिंह तोमर की टीम ने ग्रामीणों को आधुनिक खेती के गुर बताए। वैज्ञानिक डॉ. दया श्रीवास्तव ने कृषि पर किए गए शोध की जानकारी देकर भविष्य में वैज्ञानिक बनकर या अपने-अपने विषय में शोध की महत्ता बताते हुए स्वयंसेवकों के साथ ही शोधार्थी के रूप में भी जिज्ञासु बनने को प्रेरित किया।
वैज्ञानिक डॉ. आनंद सिंह ने मोटे अनाज, चोकर युक्त खाने की उपयोगिता से परिचित कराया। खाद्य पदार्थों की दृश्यता को महत्व न देने एवं शरीर के लिए उपयोगी अनाजों को ही प्रयोग में लाने की सलाह दी। ट्रैक्टर में लगे मृदा सूचक की जानकारी दी। उत्पादकता एवं बीज की प्रकृति पर निर्भरता के विषय के बारे में जानकारी दी।
द्वितीय सत्र में वैज्ञानिक सचिन प्रताप सिंह तोमर ने खेत में जाकर मृदा सूचक की प्रायोगिक जानकारी दी। कहा कि सूचक नीला दिखने का मतलब सिंचाई की जरूरत नहीं है। पीला का मतलब तुरंत पानी एवं लाल सूचक का मतलब पानी का लेबल बहुत नीचे जा रहा है। उत्पादन कम हो सकता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के विषय में भी जानकारी दी। उत्पादन अधिक लेने की होड़ में केमिकल के अधिक प्रयोग कारण मृदा का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। उर्वरक एवं खाद के अंतर को बताया गया।
वैज्ञानिक डॉ. आनंद सिंह ने पशुओं को संतुलित आहार देना आवश्यक बताया। कहा कि मिट्टी में हो रही खनिज तत्वों की कमी फसल के साथ-साथ पशुओं को भी प्रभावित कर रही है। इसलिए इसका सीधा असर उनके उत्पादन दूध, अंडा व मांस आदि पर पड़ता है। इसलिए पशुओं को विभिन्न प्रकार के चारे के साथ-साथ खनिज मिश्रण देना आवश्यक हो गया है।
शिविर में निशांत सिंह, गरिमा राजवंशी, सुंबुल अफसर, स्रष्टि अस्थाना, स्नेहा राठौर, आशी जहॉ, सौम्या शुक्ला, ज्योति शर्मा, शौर्य सिंह, अभिव्यंजना, सेजल सिंह, सचिन मिश्रा, अर्पित, खिली टण्डन, पंखुडी दीक्षित, सोनाली वर्मा, साक्षी दीक्षित प्रियांशी कुमारी, प्रतिभा वर्मा, शिवानी गुप्ता, शुभी गोंड, प्रिया राठौर अंजली अवस्थी, मुकुल त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशिकला मिश्रा ने बताया कि विशेष शिविर के चौथे दिन शनिवार को यूनीसेफ एंड वर्ल्ड विजन इंडिया द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।