सीतापुर। मौसम के करवट लेते ही संक्रामक बीमारियों के साथ ही सांस और अस्थमा सहित अन्य रोगियों की संख्या जिला अस्पताल में बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी तक सांस, दमा और एंटी एलर्जी के मरीज पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों मरीजों का इलाज कर रहे हैं। हालत गंभीर होने पर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है। वहीं, अस्पताल में मेडिकल-ए-बी वार्ड, महिला वार्ड डेंगू, मलेरिया और सांस के रोगियों से फुल हो चुका है।
बुधवार को जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से ही पर्चा काउंटर खुलने के बाद मरीजों की लाइनें लगी हुई नजर आईं। पर्चा बनवाने के बाद मरीज बीमारी से संबंधित डॉक्टर के पास इलाज के लिए पहुंचे। ओपीडी में एक फिजिशियन के पास 100 से अधिक बुखार, 50 से ज्यादा खांसी और जुकाम के साथ 30-35 मरीज सांस रोग से पीड़ित थे। सांस के मरीजों में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल रहे।
विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना हैं कि ऐसे मौसम में स्वास्थ्य के प्रति लोगों को सजग रहना चाहिए। फिजिशियन डॉ. अमरेंद्र ने बताया कि ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीजों में सांस से पीड़ित मरीज उनके पास पहुंचे रहे हैं। इस मौसम में अधिक उम्र के लोगों को सांस की समस्या काफी रहती है। खांसी, जुखाम, बुखार के साथ सांस फूलना ये फ्लू के लक्षण हैं। सांस रोगियों का अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी, डायबिटिक व कैंसर पीड़ितों को सांस की समस्या अधिक होने लगती है। ऐसे में चिकित्सकों से सलाह लेकर बेहतर इलाज कराएं। ऐसे मरीजों को गर्म कपड़े पहनना चाहिए, उबला हुआ पानी पीना चाहिए। घर से बाहर निकलने पर मॉस्क का प्रयोग करें और धूम्र पान नहीं करना चाहिए।