रेउसा/रामपुर मथुरा/तंबौर (सीतापुर)। गांजर में नदियों के घटते जलस्तर से कटान शुरू हो गया है। सरयू और शारदा नदी की बेकाबू लहरें खेती वाली जमीन निगल रही हैं। बुधवार को लगभग 74 बीघा जमीन कटान की भेंट चढ़ गई। वहीं, बाढ़ग्रस्त गांवों में लोगों की मुश्किलें अभी कम होती नजर नहीं आ रही हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से 600 राशन किटों का वितरण किया गया है।
ब्लॉक क्षेत्र रेउसा में सरयू के घटते पानी ने बुधवार को जटपुरवा, भदिम्मरपुरवा व म्योढी छोलहा आदि गांवों के आसपास लगभग 15 बीघा खेती योग्य जमीन निगल लिया। बाढ़ग्रस्त गांवों से पानी कम हुआ है लेकिन मुश्किलें बरकरार हैं। एसडीएम व तहसीलदार बिसवां ने क्षेत्र में पहुंचकर नगीनापुरवा, श्रीरामपुरवा, श्यामनगर, जटपुरवा, भदिम्मरपुरवा, म्योढी छोलहा आदि गांवो में 600 राशन किटें बांटी।
रामपुर मथुरा में सरयू का जलस्तर 118.90 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से 10 सेमी. कम है। पानी घटने से कटान तेज हो गई है। शुकुलपुरवा के पास करीब 12 बीघा जमीन सरयू में समा गई। लेखपाल रविंद्र वर्मा व जितेंद्र भारती द्वारा बाढ़ में फंसे लोगों को राशन किट का वितरण ब्लॉक मुख्यालय से किया जा रहा है।
तंबौर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में तहसील प्रशासन ने राहत सामग्री मुहैया कराई। तहसीलदार लहरपुर मदन मोहन वर्मा व नायब तहसीलदार दिलीप कुमार ने नकहा गांव में 175, परेवा में 58, बंभेला में 58 व मीतमऊ के 250 पीड़ित परिवारों को राशन किट वितरित की। इन गांवों में तहसील प्रशासन द्वारा तिरपाल व केरोसिन मुहैय्या करवाया जा चुका है।
क्षेत्र के बरक्षता, बोधवा, रोहिया, शिवपुर, मितमऊ, नन्हूई, परेवा व बडरिया आदि गावों में पानी घटने लगा है। शारदा नदी के उस पार बसे सीहपुर के पास 25 बीघा जबकि लखनीपुर के पास 22 बीघा खेत शारदा नदी में समा गए हैं।
तीनों बैराजों से बुधवार को लगभग सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बनबसा बैराज से बुधवार को 61 हजार 914 क्यूसेक, शारदा बैराज से एक लाख 46 हजार 172 क्यूसेक और गिरिजा बैराज से 13 हजार 443 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। पानी कम छोड़े जाने से नदियां काफी हद तक घट गई हैं।
एसडीएम बिसवां सुरेश कुमार ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को राशन किट व तिरपाल आदि दिया जा रहा है। प्रत्येक पीड़ित तक राहत सामग्री पंहुचाई जाएगी। कोई बाढ़ पीड़ित राहत सामग्री से वंचित नहीं रहेगा। गांजर के हालात अब काफी सामान्य हैं।