डीएम ने सोमवार को विकास व राजस्व कार्यों के साथ समग्र गांवों की समीक्षा कर प्रगति ली। समीक्षा बैठक में लापरवाह जिला अर्थ व संख्या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने कहा विकास कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
सीएम घोषणा के कार्यों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय अफसरों की बैठक बुलाई गई थी। बावजूद इसके सूचना के अभाव में अनेकों अफसर अनुपस्थित थे। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए अर्थ व संख्याधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कहा कि उनके खिलाफ शासन को पत्र लिखा जाए।
राजस्व कार्यों की समीक्षा में डीएम को राजस्व की प्रगति बेहद खराब मिली। इस पर उन्होंने विभागों को कार्यशैली सुधारने के निर्देश दिए। डीएम ने राजस्व मुकदमें, जनमिलन, मजिस्ट्रेटी जांच, तहसील दिवस, कैंप संदर्भ आदि कार्यों की समीक्षा कर अफसरों को तेजी लाने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस की समीक्षा में डीएम ने कहा कि ऑनलाइन शिकायतेें तीन दिन व ऑफलाइन शिकायतें सात दिन में निपटाई जाएं, इसमें लापरवाही पाने पर कार्रवाई होगी। इस दौरान एडीएम सर्वेश कुमार, एसडीएम सर्वेश कुमार गुप्ता, शेरी, उदय प्रताप सिंह, रतिराम, मनोज पांडेय, अतुल श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
डीएम ने खाद्य सुरक्षा कानून की समीक्षा में डीएसओ अभय सिंह को निर्देश दिए कि सभी ईओ अपने स्थानीय निकाय क्षेत्र में आने वाले राशन कार्डों का शत प्रतिशत सत्यापन कर लें। इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। डीएम ने कहा राशन वितरण त्रिस्तरीय मॉनीटरिंग का कड़ाई से पालन होना चाहिए।
अब जिले भर के आरा व टीपी मशीनों की सूची सीतापुर के वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, जिससे कि जनसामान्य को सही जानकारी मिल सके कि उनके तहसील में कितनी मशीने वैध रूप से कार्य कर रही हैं। डीएम ने डीएफओ को तहसीलवार सूची वेबसाइट पर डालने के निर्देश दिए हैं।