सीतापुर। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर चयन को लेकर धांधली के आरोप लग रहे हैं। एपीएल वर्ग को बीपीएल के प्रमाण-पत्र पर नौकरी देने और वरीयता सूची से हटकर चयन करने समेत अन्य आरोप लगे हैं। इसके बावजूद मामले की जांच न होने से शिकायतकर्ताओं में असंतोष है।
केस-1
कसमंडा ब्लॉक की अनामिका ने डीएम से स्टांप पर शिकायत भेजी है। इसमें आरोप है कि दोनों मेरिट सूची में नाम सबसे ऊपर होने और दस्तावेज सत्यापन के बाद भी उनका चयन नहीं किया गया है। आरोप है कि चयन के लिए व्हाट्सएप कॉल कर रुपये मांगे गए। संबंधित मोबाइल नंबर और फोटो का उल्लेख किया गया है।
केस-2
हरगांव की ग्राम पंचायत नौनेर निवासी मोनिका सिंह ने आवेदन संख्या और मेरिट का उल्लेख करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी को शिकायती पत्र भेजा है। आरोप है कि उनकी मेरिट सबसे अधिक थी। इसके बाद भी कम मेरिट वाली महिला का चयन किया गया है।
केस-3
मेरिट अधिक होने व बीपीएल परिवार से होने के बाद भी कम मेरिट की महिला का चयन करने का आराेप मोनी देवी ने लगाया है। वह तहसील सिधौली के कबीरपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने डीपीओ को शिकायती पत्र भेजा है। नीतू देवी ने वरीयता सूची में नंबर एक पर होने के बावजूद चयन न करने का आरोप लगाया है।
सीबीआई जांच की सीएम से मांग
चयन में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली महिलाओं ने सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में आंगनबाड़ी भर्ती की निष्पक्ष और गहन जांच सीबीआई से कराने, दोषी मिलने वाले अफसर व कर्मचारियों और बिचौलियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग प्रमुख है। रिश्वत लेकर चयन, फर्जी मेरिट लिस्ट, चयन सूची में बदलाव, धमकियां और मनमानी आदि उल्लेख भी किया गया है। सपना, ऊषा देवी, मोनिका सिंह, प्रीती देवी, ममता देवी, सीता कुरील, अनामिका, प्रियांशी समेत 39 महिलाओं ने शिकायत की है।