सीतापुर। आधार कार्ड बनवाने और संशोधन कराने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर देहात तक व्यवस्था बेपटरी नजर आ रही है। किसी केंद्र पर सर्वर की समस्या है, तो कहीं मशीन खराब पड़ी है। वहीं, कुछ केंद्रों पर टोकन देकर लोगों को आधार बनवाने के लिए 15 से 25 दिन बाद का समय दिया जा रहा है। इससे लोग परेशान हैं। कई लोगों के जरूरी काम आधार के बगैर अटके हुए हैं।
जिले में कुछ स्थानों को छोड़कर अधिकांश आधार कार्ड बनवाने व संशोधन करने वाले केंद्रों से लोग मायूस होकर लौटने को विवश हैं। अधिकतर केंद्रों पर कई-कई दिन की दौड़ लगाने के बाद आवेदन हो पा रहा है। शहर के मुख्य डाकघर में दो दिन से सर्वर की समस्या है। इससे आधार नहीं बन पा रहे हैं।
लहरपुर के मेदंहीपुर गांव से आए देवेंद्र व झरेखापुर के राजकिशोर ने बताया कि बच्चों के आधार कार्ड अपडेट कराने हैं। बुधवार को सर्वर डाउन होने से काम नहीं हो पाया। बृहस्पतिवार को वह सुबह 10 बजे से लाइन में खड़े थे, दो घंटे से लाइन में खड़े देवेंद्र ने बताया कि आज आधार अपडेट हो जाने की उम्मीद है।
आर्यावर्त बैंक शाखा शेरपुर में आधार कार्ड बनवाना आसान नहीं है। लहरपुर की भोली ने बताया कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी नहीं बन पाया। फिर 25 दिन बाद का टोकन दे दिया गया। गूरेपारा निवासी बॉबी को यहां 21 दिन बाद का टोकन थमा दिया गया है।
आर्यावर्त बैंक शाखा अटरिया में आधार कार्ड बनवाने आए रिवान निवासी रामबाबू ने बताया कि 15 दिन पहले टोकन मिला था। मंगलवार को बुलाया गया था। मंगलवार को आए तो सर्वर नहीं था, वापस लौटना पड़ा। आज फिर आए हैं, देखो बन पाए भगवान ही मालिक है। मनवा निवासी छात्रा शालिनी ने बताया टोकन मिलने के बाद भी जब दिए गए समय पर आए तब भी नहीं बन पा रहा। तीन दिन दौड़ने के बाद आज आधार बन पाया है।
सिधौली के डाकघर में मनोज कुमार बृहस्पतिवार को अपनी बेटियों संध्या व क्षमा के आधार अपडेट कराने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वह बेहमा चौकी से यहां पांच दिनों से दौड़ रहे हैं। बच्चों को प्रतिदिन स्कूल में अनुपस्थित भी रहना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित होती है।
गोलामऊ निवासी शब्बीर ने बताया कि बेटी सादिया व बेटे शादाब का आधार कार्ड अपडेशन होना है। तीन दिन पूर्व फार्म भरा था। तीन चार दिनों से नेटवर्क न आने के कारण लौट जाना पड़ रहा था। आज आधार बन रहे हैं, तो हो सकता है कि काम बन जाए। उपडाकपाल पुरुषोत्तम शुक्ल ने बताया कि 100 फार्म प्रतिदिन वितरित किए जा रहे हैं। 3 दिनों से नेटवर्क के कारण कार्य नहीं हो पा रहा थ। अब कार्ड बन रहे हैं।
महमूदाबाद डाकघर में लग रही लंबी लंबी लाइनों को देखते हुए टोकन व्यवस्था लागू कर दी गई है। हर रोज करीब 30 लोगों को टोकन दिये जा रहे हैं। जिनके अगले दिन आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। आयुष, शाहिल, मनीष ने बताया कि तीन दिन दौड़ने के बाद आज का टोकन मिला था। आधार बन गया है।
महोली की आर्यावर्त बैंक में अत्यधिक भीड़ व तकनीकी खराबी के चलते आधार कार्ड संशोधन नहीं हो पा रहा है। ऐलिया ब्लॉक के पहरापुर निवासी पवन व बेनियापुर निवासी सरवन ने बताया कि राशन कार्ड में फिंगर नहीं लग रहा है। एक सप्ताह पूर्व आधार कार्ड संशोधन के लिए फार्म जमा किया था। आज बुलाया गया था, बारिश में भीगते हुए पहुंचे और सुबह से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक नाम नहीं पुकारा गया है। पिसांवा ब्लॉक के रामुआपुर निवासी दिनेश ने बताया कि वह 27 अगस्त को फॉर्म जमा कर गए थे। उन्हें 12 सितंबर को बुलाया गया था। सुबह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। दोपहर दो बजे तक नाम नहीं पुकारा गया है।
बीआरसी पर आधार के लिए रसूखदारों की सिफारिश
ऐलिया ब्लॉक में एक ही आधार सेंटर बीआरसी पर संचालित हो रहा है। यहां परिषदीय स्कूलों के छात्रों के आधार कार्ड बनाने व संशोधन का काम किया जाता है। इस सेंटर पर रसूखदारों की सिफारिश से आम लोग अपना आधार बनवा रहे हैं। कोई जनप्रतिनिधि का खास बताकर तो कोई ब्लाक संगठन का पदाधिकारी बताकर काम करवाने आता है। ऐसे में परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को घंटो इंतजार करना पड़ता है।
निवास प्रमाणपत्र भी बन रहे फर्जी
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र ही नहीं निवास प्रमाण पत्र भी बनाए जाने का मामला सामने आया है। इमलिया सुल्तानपुर, फर्रकपुर चौराहा, कचनार और अन्य जगहों पर संचालित कंप्यूटर सेंटर पर धड़ल्ले से फर्जी निवास प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। छात्रों से ज्यादा पैसे लेकर उन्हें फर्जी निवास प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। जब प्रमाण पत्र पर बने क्यू आर कोड को स्कैन किया जाता है तो फर्जी होने का पता चलता है। जिस कारण आधार बनने में दिक्कत होती है। अल्लीपुर बंडिया निवासी आकाश पुत्र आलोक कुमार ने बताया कि इमलिया सुल्तानपुर बाजार स्थित सहज जनसेवा केंद्र से निवास प्रमाणपत्र बनवाया था। जिसका क्यूआर कोड स्कैन करने पर मालूम हुआ कि यह प्रमाणपत्र फर्जी है।