जहांगीराबाद (सीतापुर)। रेउसा के पल्हरी गांव में दीवार में उतरे हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के लापरवाह कर्मियों को घटना का जिम्मेदार बताया है। परिजनों व ग्रामीणों के अनुसार उपकेंद्र के सीयूजी नंबर पर घटना की सूचना दी लेकिन मदद नहीं मिली।
पल्हरी निवासी रामशंकर मौर्य (42) शुक्रवार देर रात अपने घर में पंखे के सामने बैठे थे। घर में छत की जगह पर टिन रखी थी। इस दौरान अचानक उनका हाथ दीवार से छू गया। दीवार से हाथ चिपक गया। उनकी चीख सुनकर आए परिजनों ने किसी प्रकार सूखे बांस की छड़ी से उन्हें दीवार से अलग किया और इलाज के लिए सीएचसी बिसवां ले जाने लगे। रमाकांत ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजनों व रामशंकर के पड़ोसी दिलीप कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी होने पर तुरंत सांडा उपकेंद्र के सीयूजी नंबर पर फोन किया। वहां तैनात बिजली कर्मियों को बताया कि हाईवोल्टेज करंट से हादसा हुआ है, अभी भी करंट दीवार में दौड़ रहा है।
शाम से ही दौड़ रहा था हाईवोल्टेज करंट, कई उपकरण जले
ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे हाईवोल्टेज करंट आया। इस वजह से दिलीप के घर का टुल्लू पंप व कूलर संग कुछ अन्य उपकरण जल गए। इसी तरह जमील के घर का इनवर्टर फुंक गया। कई अन्य ग्रामीणों के घरों के उपकरण भी फुंक गए। सीयूजी नंबर पर शिकायत करने के बावजूद शनिवार सुबह 11 बजे तक बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस वजह से ग्रामीणों में रोष है।
एक सप्ताह पूर्व भी आया था हाईवोल्टेज करंट
दिलीप ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी गांव में बहुत तेज करंट आया था। इससे गांव के लगभग दो दर्जन से अधिक टुल्लू पंप व पंखे जल गए थे। विभाग से शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। बिजलीकर्मियों की लापरवाही से यह घटना घट गई। ग्रामीणों ने तत्काल लाइन चेक करवाने और सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति दिलाने की मांग की है।