सीतापुर। अब शहरी इलाकों से गुजरने वाले खराब राष्ट्रीय राजमार्ग पर चेतावनी बोर्ड लगेंगे। ये बोर्ड हाईवे पर उन इलाकों में भी लगाए जाएंगे, जहां सड़क हादसे अधिक होते हैं। बोर्ड लगाने का मकसद महज लोगों को सचेत करना है। इसके साथ ही विभागीय अफसर खराब सड़कों को गड्ढामुक्त भी करेंगे। इस बाबत शासन ने नगर निकायों को आदेश दे दिया है। निकायों को दुर्घटना बाहुल्य इलाकों को चिह्नित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। अधिशासी अधिकारी लापरवाही बरतने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों की मासिक रिपोर्ट भी शासन को उपलब्ध कराएंगे। नेशनल हाईवे प्राधिकरण व नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया के माध्यम से राजमार्गों का निर्माण कराया जाता है। राजमार्ग नगर निकायों के क्षेत्र से भी होकर गुजरते है। काफी संख्या में वाहनों के फर्राटा भरने के चलते सड़क टूटती रहती है लेकिन सही समय पर मरम्मत न होने से सड़कें खस्ताहाल हो जातीं हैं। शासन का मानना है कि पिछले दो वर्षों में इन सड़काें की मरम्मत का काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। खासकर नगरीय इलाकाें से निकलने वाली सड़कों की हालत काफी जर्जर हो गई है। गड्ढों के चलते वाहन अनियंत्रित होकर ज्यादा पलट रहे है, जिससे मार्ग बाधित होने के साथ ही दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है।
यही नहीं पर्यावरण भी दूषित होता है व वाहनों में ईंधन की ज्यादा खपत हो रही है, लेकिन जिम्मेदार सड़कों को दुरुस्त करने में कोताही बरत रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर स्थानीय निकाय निदेशक ने दुर्घटना बाहुल्य इलाके व जर्जर सड़क के पास चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के निर्देश नगर निकायों को दिया है, ताकि मुसाफिरों को पहले से सड़क की वास्तविकता का पता जाए।
चेतावनी बोर्ड पर यह भी लिखा जाएगा कि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की है। उसी के द्वारा ही सड़क का रखरखाव किया जा रहा है। संबंधित निकाय प्रत्येक माह की अंतिम तारीख को शासन को रिपोर्ट भेजेगी, जिसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व सड़कों की वास्तविक स्थिति का आकलन होगा। इससे लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी होगी। निर्देश मिलते ही निकायों ने जर्जर सड़कों का चिह्नित करना शुरू कर दिया है।