संदना (सीतापुर)। पिछले चार दिनों से संदना में घूम रहा टाइगर अब आबादी की तरफ बढ़ने लगा है। वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए यहां पिंजड़ा लगाया था लेकिन सारी तैयारी धरी रह गई। बाघ अब संदना से करीब 10 से 15 किलोमीटर दूर हरदोई जिले की सीमा की ओर बढ़ गया है। वन विभाग के विशेषज्ञों की मानें तो भीखपुर गांव के पास टाइगर के पगचिह्न मिले हैं। माना जा रहा है कि बाघ सरायन व गोमती के दोआब के बीच पहुंच गया है।
संदना में पिछले चार दिनों से देखे जा रहे टाइगर को पकड़ने के वन विभाग के सारे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को ग्रामीणों ने वन विभाग के विशेषज्ञों को बताया था कि भरौना गांव के पास सुबह के वक्त टाइगर को गन्ने के खेत से निकल कर पानी पीते देखा था। पुष्टि के बाद क्षेत्र में पिंजड़ा लगा दिया गया था। साथ ही उसके शिकार के रूप में बकरी भी बांधी गई थी लेेकिन वह पिंजड़े के आसपास भी नहीं भटका। सुबह जब पगचिह्न देखे गए तो वह काफी दूर निकल चुका था। वन विभाग के एसडीओ राकेश चौधरी ने बताया कि टाइगर ने रात में काफी दूरी तय कर डाली। सुबह उसके पगचिह्न हरदोई जिले की सीमा के करीब भीखपुर गांव के पास खेतों तक मिले हैं। माना जा रहा है कि वह हरदोई जिले की सीमा के करीब वाले क्षेत्र में सरायन व गोमती नदी के दोआब के आसपास छिपा है। वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम पूरी तरह से मुस्तैद है। पिंजड़े को भी हटा लिया गया है। वहीं अभी तक टाइगर के पकड़ में न आने से ग्रामीण भी दहशत में हैं।