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प्याज की ‘झार’ से जेब हो रही तार-तार

Sat, 28 Jun 2014 05:31 AM IST
Sitapur
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सीतापुर। सब्जियों के बढ़े दामों ने लोगों की थाली की रौनक खत्म कर दी है। आलू व प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे लोगों का जायका भी बिगड़ रहा है। महाराष्ट्र की नासिक मंडी में हड़ताल भले ही खत्म हो गई है, पर यहां सब्जियों के दाम कम नहीं हुए हैं। व्यापारी इसकी वजह नासिक व अन्य बाहर की मंडियाें से सब्जी की आवक कम होना बता रहे हैं। हालांकि जिले में सब्जियों की जमाखोरी का अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
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नासिक सब्जी मंडी में हुई हड़ताल का असर जिले की मंडियों में भी दिख रहा है। आवक कम होने से सब्जियों के भाव एकाएक बढ़ गए। एक माह पूर्व 10 रुपये प्रति किलो में बिकने वाला आलू 20 रुपये तक पहुंच गया। प्याज भी लोगों को रुला रहा है। प्याज 20 रुपये तक पहुंच गया। टमाटर भी महंगा हो गया है। इससे थाली से स्लाद गायब है। इसके अलावा करेला, लहसुन, कटहल, कद्दू व तोरई भी महंगाई की मार से नहीं बच सके। तकरीबन सभी प्रमुख सब्जियों के भाव डेढ़ से दो गुना तक बढ़ गए हैं। इससे लोगों को सब्जी खरीदने के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है। सब्जी व्यापारी मोहम्मद सलीम व रिजवी के मुताबिक नासिक की हड़ताल भले ही खत्म हो गई है, मगर यहां मंडी में अभी नासिक अथवा बाहर की अन्य किसी मंडी से सब्जियां नहीं आ रहीं हैं। आवक कम होने से भाव नहीं गिरे हैं। बताया कि प्याज का थोक रेट 1600 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल है। किराया व मजदूरी लगाकर फुटकर में यह 18 से 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सब्जियों के दाम बढ़ने से लोग दो सब्जियां पकाने की बजाए एक से ही काम चला रहे हैं। गृहणी पुष्पा वर्मा के मुताबिक आलू के दाम बढ़ने से काफी परेशानी हो रही है। आलू हर सब्जी में काम आता हैं। प्याज व टमाटर के भी दाम चढ़ने से एक ही सब्जी से जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। रेखा मिश्रा ने बताया कि प्याज के दाम बढ़ने से सलाद के बिना ही खाना खाया जाता है।
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