सीतापुर। ये तीन मामले तो महज बानगी हैं। जिले के दर्जनों स्थानों पर घरेलू गैस का खुलेआम व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है। ढाबे हो या मिष्ठान भंडार। होटलों व ठेलों पर घरेलू गैस का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। वहीं उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलने में दिक्कतें आ रहीं हैं। कुछ गैस एजेंसियों को छोड़ कर अन्य में घरेलू गैस की होम डिलीवरी भी सुविधाजनक नहीं है। जिले के कमलापुर इलाके में यह समस्या सबसे बड़ी है। यहां उपभोक्ताओं को गैस लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। उपभोक्ता शैली की माने तो गैस बुकिंग कराने में काफी दिक्कतें होती हैं। एक दिन तो पर्ची कटाने में ही बीत जाता है। उसके बाद भी समय से गैस नहीं मिल पाती है।
कमलापुर की आरती और मनीषा का यहां तक कहना है कि गैस बुकिंग के बाद भी गैस लेने के लिए घटों कतार में खड़े होना पड़ता है। ऊपर से यह भी सुनिश्चित नहीं है कि गैस मिल ही जाएगी। राजेश कुमारी का कहना है कि गैस लेने के लिए किसी व्यक्ति को रुपये देकर तैयार किया जाता है। फिर उसे भेजा जाता है, जिससे गैस और भी महंगी पड़ जाती है। एक उपभोक्ता का कहना है कि कमलापुर क्षेत्र के लोगों को सोमवार को सुरैंचा में गैस उपलब्ध कराई जाती है। यहां लोग गैस प्राप्त करने के लिए रात से ही लाइन में लग जाते हैं। गैस आने पर यह सुनिश्चित भी नहीं है कि उन्हें गैस मिल ही जाएगी। कमोवेश यही हाल जिले के अन्य क्षेत्रों का भी है। हालांकि गैस सिलेंडर समय से न मिलने को लेकर जब कई गैस एजेंसियों से बात की गई तो बताया गया कि उनका पूरा प्रयास रहता है कि समय से गैस पहुंचे, लेकिन उनको डिलीवरी में देरी के कारण कभी-कभार समय लग जाता है।