सीतापुर। शहर के नवीन चौक पर 33 केवीए विद्युत लाइन में आयी खराबी को दुरुस्त करने चढ़े संविदाकर्मी अनूप श्रीवास्तव की मौत के लिए सीधे तौर पर विभाग के अफसर दोषी हैं। नेरी हाइटेंशन लाइन का शट-डाउन लेने के बाद धोखे से उसे नेरी की जगह भवानीपुर हाइटेंशन लाइन पर चढ़ा दिया था। हादसे के वक्त एसडीओ, जेई, एसएसओ समेत नेरी का अन्य स्टॉफ भी मौजूद था। भवानीपुर व नेरी हाइटेंशन लाइनें क्रास होने के बाद भी विभाग के जिम्मेदारों ने बारिश के मौसम में भवानीपुर लाइन का शट-डाउन क्यों नहीं लिया? वहीं विभागीय अधिकारी भी भवानीपुर लाइन पर चढ़ने के कारण हादसा होने की बात स्वीकार कर रहे है।
मालूम हो कि 33 केवीए विद्युत लाइन में आयी खामी को ठीक करने के लिए नवीन चौक के पास चढ़े संविदाकर्मी अनूप की करंट लगने से मौत हो गयी थी। इस हादसे को लेकर अधिकारियों ने बताया था कि मरम्मत कार्य करते समय विद्युत लाइन में अचानक करंट आने से संविदाकर्मी की मौत हो गयी थी। अपनी खामी पर पर्दा डालने की गरज से अफसरों ने पूरे मामले की लीपा-पोती करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। मौके पर मौजूद विभागीय सूत्रों की मानें तो 33 केवीए विद्युत लाइन का शट-डाउन लेने के बाद अफसरों ने अनूप को नेरी की जगह भवानीपुर की उस 33 केवीए विद्युत लाइन पर चढ़ा दिया, जिसमें करंट दौड़ रहा था। सूत्रों की मानें तो घटनास्थल के पास दोनों हाइटेंशन लाइनें क्रास हैं। नियमत: बरसात के मौसम में दोनों लाइनों का शट-डाउन होना चाहिए, मगर एसडीओ व जेई ने ऐसा क्यों नहीं किया। विद्युत लाइन की जानकारी न होने की दशा में भवानीपुर के जेई को मौके पर बुलाना चाहिए, मगर इसकी जहमत किसी ने नहीं उठाई। बताते हैं कि दर्जनों बार इस लाइन को दुरुस्त करने वाले नेरी उपकेंद्र के अन्य कर्मचारी भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन अनूप को किस पोल पर चढ़ाया जा रहा है, इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। हकीकत पता चलने के बाद भी विभाग के अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।