सीतापुर। वर्षा और पहाड़ी पानी से गांजर क्षेत्र की नदियों में जलस्तर पहले से ही बढ़ रहा था। सोमवार को एकाएक यहां की नदियों में तीन बैराजों से तकरीबन साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कर दिए जाने से तटवर्ती क्षेत्र के गावों में हड़कंप मच गया है। अकेले वनवसा से चार लाख 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि गिरिजा बैराज से एक लाख 46 हजार 154 क्यूसेक तथा शारदा से 57 हजार 837 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस पानी को जिले की सरहद तक आने में 48 घंटे का समय लगेगा। संभावित बाढ़ से क्षेत्र के लगभग पांच सौ गांव प्रभावित हो सकते हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लहरपुर, बिसवां एवं महमूदाबाद तहसील के तटवर्ती इलाकों में हाई एलर्ट जारी किया है। अफसरों को प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि जिले का बड़ा हिस्सा गांजरी इलाके में आता है। हर साल यहां की नदियों में आने वाली बाढ़ क्षेत्र की लहरपुर, बिसवां एवं महमूदाबाद तहसीलों में कहर बरपाती है। पिछले साल हजारों मकान ध्वस्त हो गए थे। इस साल मानसून के पूर्व ही रुक-रुककर होने वाली बारिश से यहां की नदियों का जलस्तर न सिर्फ बढ़ रहा था, बल्कि कटान भी शुरू हो गई थी। तटवर्ती गांवों के लोग बाढ़ के खतरे को देखते हुए सामान समेट लगे थे। इस बीच सोमवार को तीनों बैराज से तकरीबन साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ देने से यहां के लोगों में हड़कंप मच गया है। अकेले बनवसा बैराज से चार लाख 45 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है जबकि शारदा 57 हजार 837 क्यूसेक तथा गिरिजा बैराज से एक लाख 46 हजार 154 क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया। इस पानी को यहां आने में तकरीबन 48 घंटे लगेंगे। इस बीच तकरीबन पांच सौ गांव इससे प्रभावित हो सकते हैं। इससे गांजर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई है। जिला प्रशासन ने हाई एलर्ट जारी करते हुए भी इससे निपटने को गांजर क्षेत्र की तीनों तहसीलों के एसडीएम समेत सरकारी मशीनरी को सतर्क कर दिया है। उन्हे बचाव सामग्रियों के साथ क्षेत्रों में पहुंचने के निर्देश दे दिए गये हैं। सभी संभावित बाढ़ क्षेत्रों में कर्मचारियों को तैनात किया जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के आदेश दे दिए गए है।