सीतापुर। उमा शंकर इंटर कॉलेज मुंडेरी में छात्रवृत्ति वितरित न होने के मामले में ग्राम विकास अधिकारी को दोषी पाया गया है। जांच अधिकारियों ने आरोप पत्र तैयार कर कार्रवाई के लिए डीएम को भेजा है। डीएम के निर्देश पर ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। विदित हो कि उमा शंकर इंटर कॉलेज मुंडेरी के प्राइमरी से जूनियर कक्षाओं के 67 छात्रों को वर्ष 10 व 11 में वजीफा नहीं मिल पाया था।
मामले में कोर्ट ने डीएम को तीन महीने के अंदर वजीफा वितरित कराने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर एसडीएम बिसवां की अगुवाई में सोमवार को पुलिस बल की मौजूदगी में विद्यालय के 67 छात्रों को पिछले दो वर्षों का 23 हजार 340 रुपये वजीफा वितरित किया गया था। मामले में विभाग द्वारा ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2010 में ग्राम विकास अधिकारी राजेश बाबू शुक्ला व ग्राम प्रधान को दोषी पाया गया है। समाज कल्याण अधिकारी एसजे फारुकी ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी द्वारा खाते से छात्रवृत्ति निकालने के बाद भी छात्रों को आवंटित नहीं की गई थी। आरोप सिद्ध होने पर ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।