जुलाई में एक स्कूल में टिनशेड गिरने से बच्चे की मौत पर बीएसए ने की थी संस्तुति
सीतापुर। अवैध विद्यालयों को संरक्षण देकर संचालित कराने के मामले में शिक्षा निदेशक ने बीईओ खैराबाद स्वदीप कनौजिया को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई करीब छह माह पहले हुई घटना को लेकर हुई है। महोली में अवैध विद्यालय के टिनशेड के नीचे दबकर एक बालक की मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद न तो बीईओ घटनास्थल पर पहुंचे थे न ही तहरीर में प्रबंधक का नाम लिखा था। वह लगातार प्रबंधक को बचा रहे थे। बीएसए ने इस कृत्य को विपरीत मानते हुए शासन को निलंबन की संस्तुति कर दी थी।
स्वदीप कनौजिया जुलाई माह में महोली बीईओ का चार्ज संभाल रहे थे। तीन जुलाई को महोली के रोहिला गांव में चल रहे अवैध विद्यालय का टिनशेड दीवार समेत गिर गया था। इसमें छह वर्षीय एक बालक की मौत हो गई थी। घटना के बाद बीएसए व ग्रामीणों ने बीईओ को फोन किया तो वह स्विच ऑफ निकला।
काफी प्रयास के बाद उसी दिन रात में किसी तरह बीएसए ने संपर्क साधा। फिर भी वह घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। बीएसए अपनी टीम के साथ गांव जाकर पूरे मामले की जांच की। अगले दिन स्वदीप को एफआईआर के निर्देश दिए। लेकिन उन्होंने लेटलतीफी करते हुए एफआईआर दर्ज कराई।
मगर तहरीर में न तो प्रबंधक न ही स्कूल के नाम का जिक्र किया। आखिर में बीएसए ने बीईओ मुख्यालय संजय राय से दूसरी तहरीर दिलाकर प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस पर बीएसए ने स्वदीप के खिलाफ निलंबन की संस्तुति कर दी थी।
जिसमें कहा था कि स्वदीप इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद न तो वह घटनास्थल पर पहुंचे न ही तहरीर में प्रबंधक का नाम लिया। वह लगातार प्रबंधक को बचा रहे थे। इससे प्रतीत होता है कि स्कूल को अपने संरक्षण में संचालित करा रहे थे। साथ ही विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतते हैं।
न तो स्कूल का निरीक्षण करते हैं न ही मीटिंग में समय से आते हैं। इस लापरवाही को देखते हुए निलंबन की संस्तुति कर दी थी। करीब छह माह बाद शासन ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। इससे अवैध विद्यालय चलाने व लापरवाह बीईओ में खलबली मच गई है। लोग इसे देर से ही सही उचित निर्णय बता रहे हैं।
सैकड़ों चल रहे अवैध विद्यालय, नहीं दे रहे सूची
सीतापुर। जिले में अवैध विद्यालयों का मकड़जाल फैला हुआ है। शहर से लेकर गांजरी क्षेत्र में सैकड़ों ऐसे स्कूल चल रहे हैं। यह सब क्षेत्रीय बीईओ के संरक्षण में फलफूल रहे हैं। इसकी तस्दीक बीईओ की कार्यशैली ही बता रही है।
इस घटना के बाद कई बार बीएसए ने अवैध विद्यालय की सूची मांगी लेकिन अभी तक 19 ब्लॉक व नगर शिक्षाधिकारी किसी ने भी सूची नहीं दी है। जबकि बीएसए द्वारा बराबर जानकारी मांगी जा रही है। अब जब कार्रवाई हुई है तो उम्मीद है इसका असर बीईओ पर जरुर पड़ेगा।
जिले में सर्वाधित अवैध स्कूल रामपुर मथुरा, एलिया, मिश्रिख, पिसावां, लहरपुर, बेहटा, महमूदाबाद, तंबौर, सिधौली, बिसवां आदि में चल रहे हैं। कई बार इनकी शिकायतें भी हुई। यह मान्य विद्यालय से मिलकर सांठगांठ करते हैं।
उनके स्कूल से फॉर्म भरवाते हैं व अपने यहां बच्चों को पढ़ाते हैं। इसके बदले मोटी फीस वसूलते हैं। यह सब बीईओ के संरक्षण में ही चलता है। जब शासन ने सख्ती दिखाई तो सूची मांगी गई लेकिन एक भी बीईओ ने सूची नहीं दी है।
कई बार मिली थी हिदायत
स्वदीप कनौजिया की लापरवाह कार्यशैली अक्सर जिले में चर्चा का विषय बनी रहती है। एलिया में तैनाती के दौरान शिक्षकों से विवाद हुआ। महोली में संरक्षण दे रहे थे। अन्य ब्लॉकों की तैनाती के दौरान बीआरसी से गायब रहते थे।
बीएसए ने कई बार सुधरने की चेतावनी दी थी, लेकिन वह मानने का तैयार नहीं हुए। इस कार्रवाई के बाद कई अन्य बीईओ भी इनकी पदचिन्हों पर चल रहे हैं। शिक्षक इसी तरह की कार्रवाई भी उनके खिलाफ जता रहे हैं।
लिखा जाएगा पत्र
स्वदीप कनौजिया ने हिदायत के बावजूद अपनी कार्यशैली नहीं सुधारी। वह लगातार आदेशों की अवहेलना कर रहे थे। इसी आधार पर शासन ने कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है। अब किसी भी बीईओ की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सीधे शासन को पत्र लिख दिया जाएगा।
-अजय कुमार, बीएसए