महोली कोतवाली क्षेत्र की घटना, अवैध रूप से हो रहा विद्यालय का संचालन, जख्मी बच्चे सीएचसी में भर्ती
महोली/ सीतापुर। महोली कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर एक विद्यालय का टिनशेड ढह गया। जिससे वहां पढ़ाई कर रहे एक छात्र की मौत हो गई। जबकि आठ बच्चे बुरी तरह से जख्मी हो गए। हादसे के तुरंत बाद विद्यालय संचालक फरार हो गया।
वहीं क्षेत्र के बीईओ का फोन स्विच ऑफ बताने लगा। आरोप है कि क्षेत्र के जिम्मेदारों की मिलीभगत ने इस विद्यालय का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा था। महोली कोतवाली क्षेत्र के रोहिला निवासी शशिकांत का पुत्र नितिन (6) गांव के ही विद्यालय गौरी शंकर जनता माध्यमिक विद्यालय में कक्षा एक का छात्र था।
मंगलवार को वह पढ़ने के लिए स्कूल गया था। बताते हैं कि पढ़ाई चल रही थी, इसी बीच कक्षा एक टिनशेड लिंटर समेत गिर गया। इससे टिनशेड के नीचे मौजूद बच्चे दब गए। टिनशेड गिरने की आवाज सुनते ही ग्रामीण व परिवारजन दौड़कर मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर दबे हुए बच्चों को बाहर निकाला।
लेकिन तब तक नितिन, गांव के ही राजकुमार की पुत्री नयनसी (6), रामनरेश का पुत्र अंकित (8), शिवम (6), पुत्री सोमवती (4), रामजीवन का पुत्र सिद्धार्थ (7), देवेंद्र (5), राजकुमार की पुत्री साक्षी (6) तथा गांव का निवासी छात्र सुमित दबकर घायल हो चुके थे।
ग्रामीणों ने आननफानन सभी घायल छात्र-छात्राओं को महोली सीएचसी पहुंचाया। यहां पर डॉक्टरों ने नितिन की हालत नाजुक देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद विद्यालय संचालक वेदनाथ अवस्थी लापता हो गया। वहीं क्षेत्र के बीईओ स्वदीप कनौजिया का फोन स्विच ऑफ बताने लगा। क्षेत्र के नागरिकों व पीड़ितों का आरोप है कि जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते अवैध रूप से इस विद्यालय का संचालन किया जा रहा था।
पूरा विद्यालय मानक के अनुरूप नहीं था। जिसकी वजह से यह हादसा हो गया। इधर बीएसए अजय कुमार ने बताया कि वे घटनास्थल पर जा रहे हैं। पीड़ित परिवारों से मिलेंगे। वहीं अवैध स्कूल के संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गांव में पसरा मातम
टिनशेड गिरने से महोली रोहिला गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के लोगों ने बड़ी उम्मीदों से अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजा था लेकिन वही स्कूल परिवारीजनों के दुख का कारण बन गया। दोपहर के वक्त अचानक धड़ाम की आवाज आई और चीखपुकार मच गई। गांव के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो उनके कलेजे के टुकड़े मलबे में दबे हुए थे।
आननफानन मलबा हटाया गया, बच्चों को बाहर निकाला गया। इस हादसे में एक बच्चे की जान चली गई, जबकि आठ बच्चे जख्मी हो गए। हादसे की वजह से पूरे गांव में गमगीन माहौल था। नितिन के परिवारीजन जहां बच्चे की मौत पर मातम मना रहे थे वहीं जख्मी बच्चे कराह रहे थे।