पहले चरण के पांच ब्लॉकों में चुनाव लड़ रहे 5688 प्रधान व 9701 सदस्य ग्राम पंचायत पद के उम्मीदवारों का भाग्य मतपेटियों में कैद हो गया। आचार संहिता के उल्लंघन पर डीएम के निर्देश के बाद एक उम्मीदवार के समर्थक को हिरासत में ले लिया गया।
जबकि मछरेहटा के जालेपारा में प्रधान पद के दो गुटों में विवाद के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यहां दबंगों ने पुलिस टीम पर ही पथराव कर दिया। पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर हालात पर काबू पाया।
जिले के ब्लॉक सिधौली, गोंदलामऊ, मछरेहटा, पिसावां तथा मिश्रिख में प्रथम चरण का मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच शांति पूर्वक निपट गया। इन ब्लॉकों में 460 मतदान केंद्र जबकि 1111 मतदेय स्थल बनाए गए थे। पोलिंग बूथों पर 4893 कार्मिकों ने मतदान का जिम्मा संभाल रखा था।
मतदान अपने निर्धारित समय सुबह 7 बजे से शुरू हो गया। सुबह से ही पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई। दिन चढ़ने के साथ बूथों पर लंबी-लंबी कतारें लगीं रहीं। सुबह नौ बजे तक जिले में 13.9 फीसदी मतदान रिकार्ड किया गया। मतदाताओं के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि 10 बजे तक मतदान प्रतिशत बढ़कर 23.8 हो गया।
ब्लॉक मछरेहटा के पोलिंग बूथ राजेपारा में दोपहर 12:30 पर गहमागहमी दिखी। जबकि ब्लॉक मिश्रिख के भिखनापुर मतदान केन्द्र पर दोपहर 12:57 पर सन्नाटा पसरा नजर आया। मतदान कर्मियों ने बताया यहां ज्यादातर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं।
जो इक्का-दुक्का बचे हैं वह आराम से आकर मतदान कर वापस चले जा रहे हैं। पिसावां के महमदापुर प्रथम पोलिंग बूथ पर फर्जी मतदान की शिकायत आई। अफसर तत्काल महमदपुर पहुंचे तो वहां सामान्य तौर पर मतदान चलता पाया गया। शाम 4:30 बजते ही पोलिंग बूथों पर मतदान प्रक्रिया बंद कर दी गई। हालांकि लाइन में खड़े मतदाताओं को वोट डलवाया जाता रहा।