प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद प्रशासन ने जिले में जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले भूमाफिया के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक जिले में 74 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे अभी तक बरकरार हैं। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स ने कब्जे वाली 181 हेक्टेअर भूमि चिह्नित की थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इसमें 107 हेक्टेअर जमीन को कब्जा मुक्त कराया जा चुका।
जिले में अवैध कब्जों के सैकड़ों मामले हैं। कसमंडा ब्लॉक के सिधौली-बिसवां मार्ग के किनारे मास्टरबाग की चरागाह पर अवैध कब्जा कर मकान बनवा लिए गए हैं। कमलापुर में तालाब पाटकर रिहाइशी इमारतें खड़ी कर ली गई हैं। यही नहीं गांवों में खलिहान अब बिरले ही नजर आते हैं। इन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है।
शिकायत के बाद भी प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। सूबे में निजाम बदलने के बाद मुख्यमंत्री ने जब अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाकर भूमाफिया पर कार्रवाई को निर्देश जारी किए तो अफसरों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने अवैध कब्जों के चिह्नित कर चिन्हाकन और कब्जा मुक्त कराने के लिए एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स गठित कर कार्रवाई शुरू की।
जिले भर में 27 जुलाई तक 1031 जगहों पर 181.28 हेक्टेअर भूमि पर अवैध कब्जे चिह्नित किए गए। अब तक 723 जगहों से 107.548 हेक्टेअर जमीन कब्जा मुक्त कराई जा चुकी है। इस दौरान करीब दर्जन भर भू माफिया के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। अभी 74 हेक्टेअर जमीन पर अवैध कब्जा बरकरार है।
जिले की सात तहसीलों में से सबसे ज्यादा अवैध कब्जे बिसवां में हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बिसवां में 47.585 हेक्टेअर भूमि पर अवैध कब्जा है। वहीं लहरपुर में 41.714, महमूदाबाद में 23.364, सदर में 19.432, महोली में 17.129, सिधौली में 16.459 तथा मिश्रिख में 15.597 हेक्टेअर भूमि पर अवैध कब्जे चिह्नित किए गए हैं।
चिह्नित किए गए अवैध कब्जों से जमीन कब्जा मुक्त कराने की मुहिम में महमूदाबाद अव्वल है। महमूदाबाद में अब तक 23.364 हेक्टेअर जमीन कब्जा मुक्त कराई गई है। वहीं सिधौली में 16.159, मिश्रिख में 15.012, बिसवां में 14.877, लहरपुर में 13.714, सदर में 13.347 तथा महोली में 11.075 हेक्टेअर भूमि से अवैध कब्जे हटवाए गए हैं।