सीतापुर। वादकारियों के मामलों को निपटाने के लिए इधर-उधर भवन नहीं तलाशना पड़ेगा। ऐसे मामलों का समाधान अब खुद के भवन में बैठकर किया जाएगा। इसके लिए दीवानी न्यायालय परिसर में ही सुलह-समझौता केंद्र भवन बनेगा। इस पर 97 लाख रुपये खर्च होंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति केएन बाजपेयी ने रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के संग भवन की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि वादकारियों को सहूलियतें प्रदान करने के उद्देश्य से जिले में एक मध्यस्थता एवं सुलह-समझौता केंद्र खुलेगा। इस समझौता केंद्र के बनने से वादकारियों को और अधिक सहूलियतें प्राप्त होंगी। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश गौरी शंकर गुप्ता सहित सभी न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
उधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति करुणानंद बाजपेई ने सपरिवार नैमिषारण्य तीर्थ में ललिता देवी मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों व मठों में जाकर दर्शन कर शीश नवाया और आशीर्वाद लिया। सर्वप्रथम माता आनंदमयी आश्रम पहुंचकर पुराण मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
उसके बाद प्रसिद्ध हनुमान गढ़ी में माथा टेका, जहां महंत बजरंग दास के सान्निध्य में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद पुजारी राज नारायण पांडेय ने चक्रतीर्थ का पूजन कराया। उसके बाद वह आदि शक्ति मां ललिता देवी मंदिर पहुंचे, जहां प्रधान पुजारी जगदंबा प्रसाद व पुजारी लाल बिहारी ने मां ललिता देवी का विधिवत पूजन कराया। उनके साथ जिला जज गौरी शंकर गुप्ता आदि मौजूद रहे।