सीतापुर। प्रदेश सरकार ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़कर उन्हें कैद करने के लिए दस जनवरी तय की थी। इसके बाद भी अब तक आवारा जानवर पकड़े नहीं जा सके हैं। हालात यह हैं कि शहरी इलाकों के मार्गों पर यह जानवर छुट्टा घूम रहे हैं। कभी यह जानवर सड़कों पर लड़ते नजर आते हैं तो कहीं खेतों में घुसकर किसानों की फसलें चट कर देते हैं। सड़कों पर इनके झुंड होने से मुसाफिरों को आवागमन में दिक्कतें होती हैं।
आवारा पशुओं की तादाद दिन-प्रतिदिन मार्गों पर बढ़ती जा रही है। यह स्थिति शहर से लेकर गांव कस्बे तक बनी हुई है। यह लोगों का एक तो व्यापार प्रभावित करते हैं। वहीं जब लोग इनको भगाने का प्रयास करते हैं तो यह उन पर हमला कर देते हैं। इसकी वजह से लोग घायल हो जाते हैं। वहीं मार्गों पर इनके आतंक से निकलना मुश्किल होता है।
इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को आवारा पशुओं को पकड़ने का निर्देश दिया था। इस पर एक दिन नगर निकायों में अभियान चलाया गया था। कुछ पशुओं को पकड़कर अफसरों द्वारा फोटो खिंचवाई गई थी। उसके बाद यह अभियान ठप कर दिया गया।
अब स्थिति यह है कि इन आवारा पशुओं की मौजूदगी हर जगह पर बनी हुई है। इससे लोग बहुत परेशान हैं। बांशिदों का कहना है जिला प्रशासन बहुत निष्क्रिय हो गया है। इसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
राहगीरों को होती है परेशानी
शहर का लोहारबाग मार्ग, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे, लालबाग चौराहा, लाल कपड़ा कोठी, आर्यनगर आदि मार्गों पर आवारा पशु घूमते रहते हैं। यह यहां से निकलने वाले मुसाफिरों को परेशान करते हैं। कई बार लड़ते-लड़ते बीच मार्ग पर आ जाते हैं, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल होता है। इनकी यह मौजूदगी सुबह से लेकर रात तक हर मार्गों पर बनी रहती है।
ठप पड़ा है अभियान
मिश्रिख नगर पालिका के वार्ड दौलतपुर में आवारा पशुओं ने डेरा डाल दिया है। यह पूरे मोहल्ले में गंदगी फैलाते है। इसके अलावा लोगों को दौड़ाकर घायल भी करते रहते हैं। कई बार इनकी चपेट में आकर लोग घायल हो चुके हैं। नगर पालिका की तरफ से सिर्फ दिखावे के लिए सिर्फ एक बार अभियान चलाया गया था। उसके बाद यह ठप पड़ा है।
एक दिन ही चला था अभियान
महोली तहसील के कस्बे व गुजिया लाइन के पड़ोस में मवेशियों का झुंड हर समय मौजूद रहता है। इसकी वजह से यहां पर निकलना किसी खतरे से कम नहीं है। लोगों ने इनसे परेशान होकर नगर पालिका से शिकायत की थी, लेकिन एक दिन ही अभियान चला। उसके बाद यह ठप पड़ा है। कस्बे में आवारा पशुओं की तादाद काफी अच्छी खासी बनी हुई है।
सिधौली में आवारा पशुओं का आतंक
सिधौली कस्बे में आवारा पशुओं का आतंक एक दिन का नहीं, बल्कि रोजाना बना रहता है। कस्बे में हर वार्ड व मोहल्ले में यह टहलते रहते हैं। इनको पकड़ने वाला कोई नहीं है। पिछले दिनों अभियान चला था। इसमें कुछ पशुओं को पकड़ा गया था। उसके बाद यह दोबारा नहीं चला। इससे यह मार्गों पर टहलकर परेशान करते रहते है।
कम पड़ रही है जगह
भारी तादाद में आवारा पशु घूम रहे हैं। इनको पकड़ने का अभियान चल रहा है। पिंजरा पोल में जगह कम पड़ रही है। अस्थायी गौशालाएं बनाई जा रही हैं। इनके बनने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
- प्रेम प्रकाश उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट/प्रभारी स्थानीय निकाय