संदना (सीतापुर)। सामाजिक जागरूकता मानव का सबसे बड़ा कर्तव्य है। इससे समाज व देश का बेहतर विकास होता है। सभी लोगों को सामाजिक जागरूकता फैलाने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। यह बातें मुख्य अतिथि अधिशासी अभियंता अर्जुन प्रसाद यादव ने पेरियार ललई सिंह यादव एक क्रांतिकारी समाज सुधारक विषयक संगोष्ठी में कहीं।
अखिल भारतीय प्रबुद्ध यादव संगम के आह्वान पर रामगढ़ में आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि पेरियार ललई सिंह यादव सदैव अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद करते रहे, क्योंकि जब वह फिरंगी हुकूमत के दौरान बतौर सिपाही सेवाएं दे रहे थे, तब उन्होंने सिपाहियों को जागरूक करने के लिए सिपाही की तबाही किताब लिखी।
ललई सिंह यादव के संघर्ष की विरासत को संभालने की जरूरत है। सामाजिक चिंतक देवेंद्र कश्यप ने कहा कि अब समय आ गया है कि पेरियार ललई सिंह यादव के सामाजिक न्याय के लिए किए गए संघर्ष व उनके सपने को साकार करो, तभी देश का संतुलित विकास होगा।
रेलवे अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने कहा कि ललई सिंह यादव आडंबर, पाखंड और कर्मकांड के धुर विरोधी थे, जिसके चलते तथाकथित लोगों ने ललई सिंह का जीवन में घोर विरोध किया।
इस मौके पर यादव शक्ति के प्रतिनिधि हरिहर यादव, विज्ञान मंच के संस्थापक व कवि यादवेश, रामसेवक यादव, हेमराज यादव, बीडीसी संतराम यादव, पूर्व बीडीसी डीसी रावत, शत्रोहन लाल यादव आदि मौजूद रहे।