फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां निर्दलीय किसी से कम नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
यहां निर्दलीयों पर होती वोटों की बौछार
विज्ञापन


सीतापुर। निकाय चुनाव में किस्मत आजमाने का मन बना चुके जिन धुरंधरों को सियासी दलों का टिकट नहीं मिलेगा, उन्हें मायूस होने की जरूरत नहीं है।

अपनी बेहतर छवि व जन समर्थन के बूते निर्दल उम्मीदवार के तौर पर भी वह मैदान मार सकते हैं। पिछले निकाय चुनाव के नतीजे इसकी तस्दीक करते हैं।

जिले के 11 निकायों में एक को छोड़कर 10 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी काबिज हुए थे। जबकि एक सीट भाजपा के खाते में गई थी। हालांकि चुनाव बाद सत्तारूढ़ सपा ने ज्यादातर जीतने वालों को पार्टी का समर्थन होने का दावा जरूर किया था।

निकाय चुनाव का डंका बज गया है। इसी के साथ सियासी दलों में टिकट वितरण को लेकर मंथन तेज हो चला है। चुनावी घमासान से पहले उम्मीदवार का नाम फाइनल करने को सियासी दल माथापच्ची कर रहे हैं।
विज्ञापन


टिकट की सबसे ज्यादा मारामारी भाजपा में है। हालांकि पिछले चुनावी नतीजों पर निगाह डालें तो सियासी दलों के सिंबल पर निर्दलीय उम्मीदवारों का पलड़ा भारी रहा है।

जिले की 11 निकायों में से दस सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। ये आंकड़े चुनाव लड़ने का मूड बना चुके उन धुरंधरों के लिए सुखद हैं, जिन्हें किसी राजनीतिक दल का टिकट नहीं मिलेगा।
विज्ञापन


निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भी वह साफ-सुथरी छवि और जनहित की बात कर फतह हासिल कर सकते हैं। पिछली बार निर्दलीय चुनाव लड़कर अध्यक्ष की कुर्सी कब्जाने वाले इस बार ताल ठोंकने को कमर कस चुके कई धुरंधरों के लिए आइडियल साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें