पांच ब्लॉकों में हुए मतदान में 71.27 फीसदी वोटरों ने रिकॉर्ड मतदान किया। चौथे दौर के मतदान में कई दिग्गज उम्मीदवारों का भविष्य मतपेटियों में बंद हो गया। चारों चरणों की वोटिंग खत्म होने के बाद अब पहली नवंबर को वोटों की गिनती की जाएगी।
पंचायत चुनाव के चौथे व अंतिम चरण में गुरुवार को जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्य की 554 सीटों पर चुनाव लड़ रहे 3163 उम्मीदवारों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो गया। अंतिम चरण में ब्लॉक रेउसा, सकरन, रामपुर मथुरा, बेहटा व लहरपुर में डीडीसी की 21 और बीडीसी की 533 सीटों पर वोट डाले गए।
जिला पंचायत सदस्य की 21 सीटों पर 313 जबकि क्षेत्र पंचायत सदस्य के 533 पदों पर 2850 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इन ब्लॉकों में मतदान के लिए 484 पोलिंग सेंटर तथा 1163 पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे। जबकि मतदान कराने के लिए 1163 पोलिंग पार्टियां बनाई गई थीं।
पांचों ब्लॉकों में निर्धारित समय सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया। पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें लग गईं थीं। दिन चढ़ने के साथ ही बूथों पर लगी लाइनें बढ़ती चली गईं। मौसम भी मतदाताओं पर मेहरबान दिखा।
आसमान में बदली छाई रही। सुहाने मौसम का फायदा उठाते हुए लोगों का हुजूम घरों से निकल पोलिंग बूथों की ओर बढ़ता रहा। सुबह 9 बजे तक 12.08 फीसदी वोट पड़ गए। उसके बाद वोटरों की संख्या में इजाफा होने से वोटिंग का परसेंटेज का ग्राफ लगातार बढ़ता रहा है। मतदाताओं का यह उत्साह सायं 5 बजे तक कायम रहा।
जिसके चलते 11 बजे तक 30 फीसदी, 1 बजे तक 48 फीसदी और 4 बजे तक 58 फीसदी मतदान रिकार्ड किया गया। अंतिम दौर में बिसवां विधायक रामपाल यादव के बेटे जितेंद्र यादव, जिला पंचायत सदस्य मधू गुप्ता व उनके कई करीबी चुनाव मैदान में थे। सुरक्षा व शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर डीएम इंद्रवीर सिंह व एसपी कवींद्र प्रताप सिंह इन ब्लॉकों में बने पोलिंग बूथों का जायजा लेते रहे।