रामपुर मथुरा (सीतापुर)। चौका नदी उफनाने से करीब 700 बीघा फसलें बाढ़ की चपेट में हैं। तटवर्ती 20 गांवों के आसपास बाढ़ का पानी भर गया है। कई गांवों के रास्ते जलमग्न हैं। इससे आवागमन प्रभावित है। सरयू का जलस्तर कम होने से 14 गांवों के आसपास भरा पानी भी निकलने लगा है।
पिछले 24 घंटे से कटान बंद रहने के चलते लोगों ने फिलहाल राहत की सांस ली है। गिरिजापुरी के तीनों बैराजों से शनिवार को 3.56 लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। महमूदाबाद तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ व कटान पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी गई है।
अंगरौरा में लगे मीटर गेज से लिए गए आंकड़ों के मुताबिक सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को 118.20 मीटर दर्ज किया गया। लेखपाल रवींद्र कुमार ने बताया कि सरयू का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 30 सेंटीमीटर घटा है। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी अब 80 सेंटीमीटर नीचे है। सरयू का जलस्तर घटा और कटान थमा तो चौका नदी मुश्किलें बढ़ाने लगी है। चौका नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी निकलकर तटवर्ती इलाके में लगी फसलों में भर रहा है।
करीब 700 बीघा फसलें बाढ़ के पानी में डूब चुकी हैं। फसलों के नुकसान की चिंता किसानों को सता रही है। चौका की बाढ़ का पानी तटवर्ती गांवों की ओर बढ़ रहा है। विशेषण, बांसुरा, भागीपुर, सुरकुंडा, रायपुर अलायपुर, चंदेला, गौरा, जरावान समेत 20 गांव बाढ़ के पानी से घिरकर टापू बन गए हैं। कई गांवों के रास्ते बाढ़ की चपेट में आने से आवागमन दुश्वार है। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित है। संतराम व जगन्नाथ ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर घटने से कुछ रास्तों पर भरा पानी कम हुआ है।
तटवर्ती मिश्रणपुरवा, अखरी, अंगरौरा, सोतीपुरवा, बाबाकुटी, कनरखी, बंगाली घाट, सुंदर पुरवा, अर्जुन पुरवा, प्यारेपुरवा, बक्सी पुरवा, उत्तमपुरवा व निरंजनपुरवा आदि के आसपास भरा भी पानी कम हुआ है। कटान थमने से सुंदरपुरवा और लोधनपुरवा के बाशिंदों को फिलहाल राहत मिल गई है।
45 परिवारों को बांटी राशन किट
सरयू नदी का जलस्तर कम हुआ है। बाढ़ की स्थिति सामान्य हुई है। शनिवार को कटान भी बंद रहा। रामपुर मथुरा ब्लॉक में 45 परिवारों को राशन किट का वितरण किया गया है। जिनके घर पिछले कुछ दिनों में कटे हैं, उनके लिए भी आवासीय भूमि की व्यवस्था की जाएगी।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद