छिटपुट झड़पों के बीच रविवार को मतदाताओं के उत्साह से जिले में वोटिंग के सारे रिकार्ड टूट गए। जिले की नौ विधानसभा सीटों पर संपन्न हुए मतदान में करीब 68.64 फीसदी वोट पड़े। जिले के सिधौली विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 72.70 प्रतिशत वोट पड़े। जबकि सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 66.10 प्रतिशत मतदान हुआ।
वोटिंग के दौरान एक दर्जन स्थानों पर ईवीएम खराबी की शिकायतें आईं। इससे यहां कुछ देर तक मतदान बाधित रहा। हालांकि अधिकारियों ने कुछ देर बार मशीन बदलकर दोबारा मतदान शुरू कराया। देर शाम तक कई पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की कतारें लगीं रहीं।
इसी के साथ 95 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। अब 11 मार्च को वोटों की गिनती होगी। पिछले विधानसभा चुनाव में जिले में 58 फीसदी ही वोट पड़े थे।
सीतापुर जिले की नौ विधानसभा सीटों पर 29,59,166 मतदाताओं के लिए 3167 बूथ बनाए गए थे। रविवार को धुंध के बीच सूरज ने झांका और पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की रेला उमड़ पड़ा। यहां के सभी बूथों पर सात बजे पोलिंग शुरू हुई थी।
आधे घंटे के बाद कई जगहों पर ईवीएम खराबी की शिकायतें आने लगीं। महमूदाबाद के ठोहरिया बूथ पर ईवीएम मशीन अंधेरे में रखी होने शिकायत आईं। जबकि महोली के बूथ संख्या-99 व सीतापुर के बूथ संख्या-109 पर ईवीएम में लाइट नहीं जल रही थी।
लहरपुर के बूथ संख्या-166 पर, सेवता के बूथ संख्या 82 व सिधौली के कन्या विद्यालय के बूथ पर ईवीएम खराब हो गई। इससे इन बूथों पर मतदान कुछ देर तक रूका रहा, हालांकि ईवीएम मशीनों के बदलाव के बाद वहां पर लोगों ने मतदान किया।
शुरुआत के दो घंटे यानी नौ बजे तक जिले में 11.55 फीसदी वोटिंग हुई थी। दो घंटे के अंतराल के बाद मतदान प्रतिशत बढ़कर 29.25 फीसदी पहुंच गया। दोपहर में चटख धूप निकली और वोटरों का जोश भी पूरे उफान पर था।
शहर से लेकर गांव की गलियों तक में लोकतंत्र के त्योहार का नजारा देखने लायक था। दोपहर तीन बजे तक मतदान प्रतिशत 56.38 प्रतिशत जा पहुंचा। लगातार बढ़ते मतदान का आंकड़ा 68 प्रतिशत जा पहुंचा। शाम 5 बजे से पहले पोलिंग बूथ पर पहुंच चुके लोगों के वोट डाले गए।