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सीतापुर में बाढ़ की चपेट में 63 गांव

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रामपुर मथुरा क्षेत्र के अंगरौरा में बाढ़ से बचने के लिए चारपाई पर बैठे बच्चे। - फोटो : SITAPUR
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रेउसा/रामपुर मथुरा (सीतापुर)। जिले के गांजरी इलाके में सरयू नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। पानी खतरे के निशान को पार करते हुए गुरुवार को 119.10 मीटर पर पहुंच गया। नदी के करीब वाला तीन किमी एरिया बाढ़ की चपेट में आ गया है। लगभग 63 गांवों की 40 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। एक हजार से अधिक मकानों, रास्तों, खेतों व स्कूलों में पानी भर गया है।
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सरयू नदी के उफनाने से हजारों बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। कुछ लोग पलायन कर ऊंचे स्थानों पर पहुंच गए, जबकि हजारों लोग बाढ़ में फंस गए हैं। वहीं, बैराजों से गुरुवार को फिर करीब पौने पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे बाढ़ की समस्या और बढ़ेगी। ब्लॉक रेउसा अंतर्गत म्योडी छोलहा, श्रीरामपुरवा, धूसपुरवा, पासिनपुरवा, भदिम्मरपुरवा, गोडियनपुरवा, फौजदारपुरवा, गार्गीपुरवा, कोनी, जंगल टपरी, दुर्गापुरवा, ठेकेदार पुरवा, मरेली, दर्जिनरेती, श्याम नगर, लोधनपुरवा समेत तलहटी में बसे करीब 35 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों में घुटनों तक पानी भर गया है।
लगातार बढ़ रहे पानी से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। बाढ़ में फंसे लोगों की जिंदगी छतों और तख्त पर सिमटकर रह गई है। अपने साथ लोगों को मवेशियों की सुरक्षा की चिंता भी सता रही है। रास्तों पर पानी भरा होने से वहां तक सरकारी मदद नहीं पहुंच पा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि गुरुवार को बैराजों से छोड़ा गया पौने पांच लाख क्यूसेक पानी समस्या और बढ़ाएगा। उधर, रामपुर मथुरा इलाके में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 119.10 मीटर पर पहुंच गया।
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पानी के तेज बहाव के कारण सड़क पर चलना भी खतरे से खाली नहीं है। लोग तख्त के ऊपर तख्त रखकर ऊंचाई पर खाना बनाने व रहने को मजबूर हैं। सरयू की तेज धारा ने परमगोंडा गांव के जसवंत, प्रेमचंद, छबीले, देशराज, बलवंत व बेलुका के घरों का अस्तित्व समाप्त कर दिया है। राजस्व कर्मी, सीएचसी के डॉक्टरों व पशु चिकित्साधिकारी टीम के साथ बाढ़ ग्रस्त इलाके में मदद के लिए पहुंच गए हैं।
इन गांवों में दो फुट भरा पानी
बाढ़ का पानी तटवर्ती शुकुलपुरवा, सुंदरपुरवा, महाजनपुरवा, रामरुपपुरवा, टपरा, कुन्नापुरवा, लोधनपुरवा, बुचऊपुरवा, नगेसरपुरवा, झगटूपुरवा, छोटेपुरवा व पेिताम्बरपुरवा, अंगरौरा, निरंजनपुरवा, हरिपालपुरवा, कनरखी बंगालीपुरवा, सोन्तिपुरवा, अर्जुनपुरवा, बकनरखीघाट, बलेश्वरपुरवा, गिरधारीपुरवा, कन्हाई घाट, अखरी, शंकरपुरवा, चमारणपुरवा, बाबाकुटी, प्यारेपुरावा, कलुआपुर, परमगोंडा आदि गांवों में दो फुट तक भर गया है।
अधिकारियों ने दौरा कर लिया जायजा
एसडीएम बिसवां सुरेश कुमार और तहसीलदार राजकुमार गुप्ता ने गुरुवार को बाढ़ग्रस्त इलाके का दौरा किया। सबसे पहले वह लोग नई बस्ती चहलारी पहुंचे। ऊंचे स्थान से लोगों की समस्याओं की जानकारी लेते हुए अलर्ट रहने को कहा। बाढ़ का विकराल रूप देख कर आगे जाने की हिम्मत नहीं हुई। इस पर लेखपालों को दिशा निर्देश देकर लौट गए।
बाढ़ में फंसे लोगों को नाव से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावितों के लिए तिरपाल, लंच पैकेट आदि की व्यवस्था की जा रही है। बाढ़ पीड़ितों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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- सुरेश कुमार, एसडीएम बिसवां
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