सीतापुर। इस समय शहर जाम के झाम में फंस गया है। अब उन सड़कों पर भी लोग घंटों जाम में जूझते हैं जहां कुछ बरस पहले सन्नाटा पसरा रहता था। यह हाल चुंगी चौकी से शुरू होकर रोडवेज बस स्टॉप तक रहता है।
सबसे अधिक जाम चुंगी चौकी, लालबाग चौराहा व लाल कपड़ा कोठी पर लगता है। चुंगी चौकी से लालबाग तक का जो सफर पांच मिनट में पूरा होना चाहिए पर जाम की वजह से यह 20-25 मिनट में पूरा हो रहा है।
सीतापुर शहर में कांशीराम कॉलोनी से डिवाइडर शुरू होता है। यहां से सफर शुरू करने पर 10 मिनट में लालबाग चौराहा पहुंचा जा सकता है।
लेकिन बढ़ती आबादी घटते संसाधन के कारण यह सफर आधे घंटे का हो गया है। अब सबसे अधिक दिक्कत चुंगी चौकी पर आती है।
कारण, लखनऊ से गोला जाने वाले वाहन बाईपास के जरिए चुंगी चौकी होते हुए गोला रोड पर भेजे जाते है। जब यह वाहन गुजरते है तो चुंगी चौकी पर जाम लग जाता है।
यह जाम इतना लंबा हो जाता है कि इसे क्रास करने में ही घंटों लगते है। इसी प्रकार लालबाग से आगे बढ़ने पर रेलवे स्टेशन तक हर तरफ जाम की जाम दिखाई देता है। इसको दूर करने के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
कई बार ई-रिक्शा वालों का रूट तय करके शहर के बाहर से गुजारने का प्लान बना। लेकिन यह विरोध के कारण एक दो दिन ही टिक सका।
इसकी वजह से शहर की आंख अस्पताल रोड, जिला अस्पताल मार्ग, पुराना सीतापुर मार्ग, गुरुद्वारा मार्ग, ग्रीकगंज मार्ग, जेल रोड, पुलिस लाइन आदि मार्ग जाम की चपेट में आ चुके है।
इन मार्गों पर वर्किंग डे पर सुबह शाम निकलना मुश्किल हो जाता है। इस समय जब गर्मी उफान पर है तो राहगीर जाम में फंसकर इंतजार किया करते है। इस जाम से कब निजात मिलेगी यह शहरवासियों को सता रही है।
यह हो सकता है समाधान
चुंगी चौकी इलाके में गोला रोड पर जाने के लिए कोई बाईपास नहीं है। छोटे से लेकर भारी वाहन तक श्यामनाथ मंदिर के सामने से होकर गुजरते है। यह मार्ग शहरवासियों के निकलने के लिए पर्याप्त नहीं है।
ऐसे में अगर कांशीराम कॉलोनी के आसपास से बाईपास निकालकर सीधे गोला रोड में जोड़ दिया जाए तो काफी हद तक यह समस्या दूर हो जाएगी। वही शहर में ऑटो, ई-रिक्शा को शहर के अंदर के बजाये बाहर से गुजारा जाए तो राहत मिल जाएगी।