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44 गांवों में हजारों लोगों ने दिन भर रखा उपवास

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गांवों में ई-पॉस मशीनों से अनाज वितरण व्यवस्था का कर रहे विरोध
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सीतापुर। संगतिन किसान मजदूर संगठन ने गांवों में ई-पॉस मशीनों से अनाज वितरण के खिलाफ बिगुल छेड़ रखा है। इस मसले को लेकर शनिवार को जिले के मिश्रिख, पिसावां, महोली, मछरेहटा, एलिया, खैराबाद ब्लॉक के 44 गांवों में 1257 ग्रामीणों ने दिन भर का उपवास किया।

संगठित किसान मजदूर संगठन की संयोजिका ऋचा सिंह ने कहा कि सीतापुर समेत प्रदेश के 47 जिलों में जनवरी से कार्डधारकों को राशन वितरण पॉस मशीन द्वारा होना है। शनिवार को जिले की कई ग्रामपंचायतों में ई-पॉस मशीनों से अनाज वितरण में तमाम बाधाएं आईं।
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पिसावां के गुरसण्डा में 15 कार्ड धारक राशन लेने के लिए पहुंचे। अंगूठा लगाया, लेकिन मात्र 5 कार्ड धारकों का अंगूठा मैच कर पाया। पिसावां के मनिकापुर में भी कुछ यही हाल रहा। यहां पर 30 कार्ड धारक राशन लेने पहुंचे। केवल 8 लोगों का अंगूठा ही मैच कर पाया और फिर सरवर डाउन होने की वजह से मशीन ने काम नहीं किया।

पिसावां के बबुर्दीपुर में मशीन काम ही नहीं किया। महोली के हरदासपुर में भी मशीन ने काम नहीं किया। इन्हीं सब विसंगतियों के विरोध में शनिवार को संगति किसान मजदूर संगठन के बैनर तले मिश्रिख, पिसावां, महोली, मछरेहटा, एलिया व खैराबाद ब्लॉक के 44 गांवों में 1257 साथियों ने दिन भर का उपवास किया।

इस दौरान समर्थन में भारी संख्या में ग्रामीण पॉश मशीन, वापस करो के नारे के साथ दुकानों पर जमे रहें। जिला संयोजिका ऋचा सिंह ने कहा कि मशीनों ने हम सबकी जिन्दगी दूभर कर दी है। जब से मनरेगा में भुगतान के लिए ई मस्टर रोल लागू हुआ, मनरेगा मरने की स्थिति में पहुंच गई है और अब यह राशन इन पॉस मशीनों की वजह से पात्र व्यक्तियों से दूर होने की दिशा में जा रहा है।

हम मजदूर ऐसा किसी भी हाल में नहीं होने देंगे। आन्दोलन और तेज होगा। इस अवसर पर राम बेटी, राम किशुन, सुरबाला, रामश्री, रेखा, बिटोली, किशोरी, कुसुमा, सहजराम, जानकी, प्रकाश, राजाराम, पिंटू, सरोजनी, भन्नू लाल, भगवान दीन, पुष्पा, जगन्नाथ, जमुना, अनीता इत्यादि उपस्थित थे।
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इसके अलावा मिश्रिख ब्लॉक, पिसावां के कपसा, बुबुर्दीपुर में बिटोली ने कहा कि यह नियम लागू करने वाले नेता अधिकारी आएं। कुछ दिन फावड़ा चलाएं, बर्तन साफ करें, फिर उन्हें समझ आ जाएगा कि हाथों के निशान कैसे बनते बिगड़ते हैं और इसकी वजह से राशन लेना कितना कठिन होगा।
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