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चार घर कटकर बहे, खतिहर भूमि भी काट रही घाघरा नदी

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रेउसा/सीतापुर। जिले के गांजरी इलाके में शारदा व घाघरा नदियां कटान का कहर बरपा रही हैं। शुक्रवार की रात कोनी गांव में चार घर कटकर घाघरा नदी में समा गए हैं। जबकि खेती योग्य भूमि भी कटान की चपेट में आ रही है। शनिवार को नदियों के जलस्तर में बड़ी गिरावट देखी गई है। इससे बाढ़ का पानी तेजी से नदी में सरक रहा है। हालांकि अभी बाढ़ग़्रस्त इलाके से पानी पूरी तरह से हटा नहीं है।
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बता दें कि रेउसा इलाके में घाघरा नदी तेजी से कटान कर रही है। खासकर कोनी गांव में नदी का कहर बरप रहा है। शुक्रवार की रात रामप्रकाश, लल्लन, झब्बर के छप्पर व मुन्नी लाल का पक्का मकान कटकर बह गया। हालांकि इन घरों में रहने वाले लोग पहले ही घरों को खाली कर चुके थे। जिससे कोई जनहानि नहीं हो पाई।

नदी तेजी से खेतिहर भूमि को भी काट रही है। इससे किसान परेशान हैं। शनिवार को नदी के जलस्तर में तेजी से गिरावट देखने को मिली। इससे बाढ़ का पानी तेजी से नदी की ओर भाग रहा है। हालांकि अभी बाढ़ का पानी पूरी तरह से आबादी व खेतों से हटा नहीं है, लेकिन संपर्क मार्गों से पानी हट गया है।
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इससे लोगों के सामने मौजूद आवागमन की दिक्कतें दूर हो गई हैं। हालांकि खेतों में अब भी बाढ़ का पानी हिलोरे मार रहा है। बरसाती नालों के जलस्तर में भी गिरावट देखने को मिल रही है। नदी के गिरते जलस्तर से तटीय क्षेत्र के बाशिंदों ने राहत की सांस ली है।

उधर शारदा व घाघरा बैराजों से शनिवार को 188571 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जानकारों का कहना है कि यह पानी इतना नहीं है, कि इससे जलस्तर में पहले जैसा इजाफा हो। कुल मिलाकर अभी एक या दो दिन के लिए तटीय क्षेत्र के बाशिंदों को बाढ़ से राहत मिलती नजर आ रही है।

घड़ियाल दिखने से हड़कंप
बाढ़ के साथ साथ अब खतरनाक जीव जंतुओं की मुसीबत भी तटीय इलाकों में पहुंचने लगी है। शनिवार को धूसे पुरवा गांव के निकट खेतों में घड़ियाल देखा गया है। जिससे हड़कंप मच गया। गांव के मैकू, संतोष आदि शनिवार को खेतों की फसल देखने गए थे।

इसी बीच उन्हें खेतों में घड़ियाल बैठा दिखा। बताते हैं कि जब भीड़ एकत्र होने लगी। तब वह शारदा नदी में उतर गया। गांव के निकट घड़ियाल मौजूद होने की सूचना से तटीय क्षेत्रों में दहशत का माहौल है।

एसडीआरएफ की टीम पहुंची
तटीय क्षेत्र के बाशिंदों को बाढ़ से बचाव के टिप्स देने के लिए शनिवार को एसडीआरएफ की टीम रेउसा इलाके में पहुंची। पहले यह टीम मारू बेहड़ कस्बे में पहुंची। यहां पर टीम का नेतृत्व कर रहे सहायक सेना नायक एसएन सिंह ने ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव के टिप्स दिए।

इतना ही नहीं उन्होंने बाढ़ से बचाव के साथ यह भी बताया कि बाढ़ की वजह से जहरीले जीव जंतु आबादी का रुख करते हैं। ऐसे हालात से कैसे निपटा जाए, इस संबंध में भी जानकारी दी। इसके बाद टीम चहलारी घाट पुल पर पहुंची।

टीम ने पुल के करीब घाघरा का जलस्तर देखा और तटीय क्षेत्र के बाशिंदों को किनारों से दूर रहने की सलाह दी। यहां भी एसडीआरएफ की टीम ने लोगों को बाढ़ से निपटने के टिप्स दिए। टीम में धर्मेद्र, श्याम बाबू, ओम प्रकाश आदि शामिल थे।

रतौली डीह में भी कटान
लहरपुर। क्षेत्र के ग्राम रतौली डीह मैं शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है। इस गांव में अब तक नदी 32 मकानों को काटकर बहा चुकी है। वहीं कटान अब भी जारी है। स्थानीय विधायक सुनील वर्मा, हरगांव विधायक सुरेश राही द्वारा ग्रामीणों को सहायता का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
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