सीतापुर। कोरोना का डर से लोग ट्रेन में यात्रा करने में कतराने लगे हैं। एक सप्ताह में सीतापुर जंक्शन से 602 यात्रियों के रिजर्वेशन कैंसिल हुए हैं। लोगों को आशंका है कि सफर करने के दौरान अन्य यात्रियों के संपर्क में आने से संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
महीनों पहले लंबी दूरी, टूर पर जाने के लिए सीतापुर से होकर गुजरने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में रिजर्वेशन कराने वाले लोगों ने टिकट कैंसिल कराना शुरू कर दिए है। जंक्शन के पास स्थित रिजर्वेशन काउंटर से मिले आंकड़ों के मुताबिक 11 मार्च से लेकर 17 मार्च तक 241 टिकट कैंसिल कराए गए हैं, इन टिकटों पर करीब 602 यात्रियों को सफर करना था।
जानकार बताते हैं कि जब तक बीमारी ने देश में पांव नहीं पसारे थे, तब तक लोग यात्रा करने से नहीं कतरा रहे थे, लेकिन जब से बीमारी को डब्ल्यूएचओ ने महामारी घोषित किया और इसके बाद से लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या से लोग घर से बाहर जाने में डर रहे हैं। रेलवे से जुड़े जानकारों की माने तो अगर हालात सुधरे नहीं, बीमारी काबू में नहीं हुई तो अभी ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या अभी और कम होने की आशंका हैै।
रिजर्वेशन काउंटर से कैंसिल हो रहे टिकट को लेकर रेलवे से जुड़े जानकारों की माने तो प्रतिदिन एक औसत केे मुताबिक 86 लोग अपनी यात्रा कैैंसिल करा रहे हैं, इससे रेलवे को भारी नुकसान हो रहा है। जानकार बताते हैं कि एक टिकट के कैंसिल होने से करीब एक से डेढ़ हजार से अधिक का नुकसान रेलवे को होता है। इस तरह औसतन रोजाना करीब डेढ़ लाख की चपत रेलवे को लग रही है।
रोजाना यात्रा करने वालों की संख्या बरकरार
रेलवे के जानकार बताते हैं कि कोरोना के डर से रिजर्वेशन कैंसिल हो रहे हैं, लेकिन जो लोग रोजाना यात्रा करते थे, वे अब भी कर रहे हैं। जनवरी से लेकर फरवरी तक रोजाना जंक्शन से 2800 टिकट बिकने का औसत था, जो अब भी बरकरार है। मंगलवार को 2805 और बुधवार को 2810 लोगों ने जंक्शन के विंडों से टिकट लेकर यात्रा की है।
जंक्शन का पसरा सन्नाटा
जंक्शन पर बुधवार को अन्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा पसरा था। टिनशेड के नीचे पड़ी सीट पर कुछे यात्री ही बैठकर गंतव्य को जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। जंक्शन का सन्नाटा इस बात की तस्दीक कर रहा था कि लोग कोरोना को लेकर सतर्क हैं।