निर्धन बेघर परिवारों के लिए यह अच्छी खबर है। अब आवास के अभाव में उन्हें खुले आसमान के नीचे जिंदगी नहीं काटनी पड़ेगी। वो सरकारी आवास में रह सकेंगे। इन्हें आवासीय सहूलियत मुहैया कराने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में नए आवास बनाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना में सीतापुर जनपद के तकरीबन 60 हजार बेघर परिवार लाभांवित हो सकेंगे।
मालूम हो कि गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए सरकार ने इंदिरा व लोहिया आवास योजनाएं चला रखी हैं। केंद्र से इंदिरा योजना तथा राज्य स्तर से लोहिया आवास योजना संचालित हो रही है। इंदिरा आवास योजना में 70 हजार व लोहिया आवास योजना में 2.75 लाख रुपये आवास निर्माण के लिए मिलते हैं। चालू वित्तीय वर्ष में इंदिरा आवास योजना में 29 हजार 704 एवं लोहिया आवास योजना में 1155 आवास का लक्ष्य मिला था। इस लक्ष्य की पूर्ति की जा चुकी है।
आगामी वित्तीय वर्ष में आवास योजना जनगणना के नए आंकड़ों के आधार पर संचालित की जाएगी। इसके लिए बेघरों की गणना भी की गई है, हालांकि अभी तक ये आंकडे़ अधिकृत तौर पर जारी नहीं हुए हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में बेघरो की संख्या 60 हजार के करीब है, जिन्हें क्रमानुसार आवास मुहैया कराए जाएंगे।
मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को मंजूरी दी है। ऐसे में यहां के करीब 60 हजार बेघर लाभार्थी आवास योजना से लाभांवित हो सकेंगे। योजना में लाभार्थी को 1.20 लाख आवास निर्माण व 12 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए दिए जाएंगे। साथ ही मनरेगा में 90 कार्य दिवस की मजदूरी भी उपलब्ध कराई जाएगी।