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बिना किताबों के पढ़ रहे 59 हजार बच्चे

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प्राथमिक विद्यालय इमलिया सुल्तानपुर में पढ़ाई करते बच्चे। -संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 59 हजार विद्यार्थी बढ़े हैं। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने से पुस्तक वितरण की व्यवस्था चरमरा गई है। ये नौनिहाल बिना किताबों के पढ़ने को मजबूर हैं।
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कोरोना की वजह से पिछले साल स्कूल काफी समय तक बंद रहे थे। दूसरी लहर में भी पढ़ाई बाधित हुई। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालयों में दाखिला न कराकर सरकारी विद्यालयों में करा दिया था। इसकी वजह से छात्र संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले बरस परिषदीय विद्यालयों में 5.65 लाख नौनिहाल अध्ययनरत थे।
इस साल 30 सितंबर तक चली एडमिशन प्रक्रिया के तहत 6.24 लाख नौनिहालों के एडमिशन हुए है। इससे पिछले साल के मुकाबले 59 हजार नौनिहालों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन बढ़े हुए नौनिहालों को अब किताबें मिलना मुश्किल लग रहा है। किताबें पुरानी छात्र संख्या के अनुसार ही आई थी। ऐसे में ये नौनिहाल बिना किताबों के ही पढ़ रहे हैं।
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‘किताबें मंगवाने के लिए भेजी गई डिमांड’
गोंदलामऊ विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय छोटा रामपुर में 106 नौनिहाल पंजीकृत हैं। जिसमें 80 बच्चों को किताबें वितरित की जा चुकी हैं। 26 नौनिहालों को किताबें नहीं मिली हैं। इससे ये नौनिहाल बिना किताबों के ही पढ़ रहे हैं। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय सिद्दीकपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय दहेलरा में कई बच्चों को किताबें नहीं मिल पाई हैं।
प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमपुर में 127 बच्चे पंजीकृत हैं। करीब 25 नौनिहालों को किताबें नहीं मिल पाई हैं। रामपुर मथुरा विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय गोंडा देवरिया में 195 नौनिहाल अध्ययनरत हैं। इनमें कक्षा चार में 37 बच्चों को पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं। प्रधानाध्यापक सलाहुद्दीन ने बताया कि नए बच्चों को किताबें दिलवाने के लिए डिमांड भेजी गई है। उच्च प्राथमिक विद्यालय गोंडा देवरिया में कई बच्चों के पास अभी तक किताबें नहीं पहुंची हैं।
पुराने छात्रों से ले रहे हैं किताबें
डीसी समेकित शिक्षा प्रमोद गुप्ता का कहना है कि प्रत्येक साल 30 सितंबर की छात्र संख्या के अनुसार ही अगले साल किताबें आती है। पिछले साल 30 सितंबर 2020 तक 5.65 लाख नौनिहाल परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत थे। इतनी ही किताबें इस साल आई थी। जिनका शत प्रतिशत वितरण हो चुका है। इस साल करीब 59 हजार छात्र संख्या बढ़ी है तो इन नौनिहालों के लिए अब नए सिरे से किताबें नहीं आएंगी।
बढ़ी छात्र संख्या के लिए अब अगले साल ही किताबें आएंगी। बिना किताबों के कोई नौनिहाल नहीं रहेगा। शिक्षक पुराने छात्रों से किताबें लेकर पुस्तक विहीन नौनिहालों को पुस्तकें दे रहे हैं। जिससे वह आसानी से पढ़ सकें।
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