जिला पंचायत द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 में 56 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। इससे सीसी रोड़, इंटरलॉकिंग सहित कई निर्माण कार्य होंगे। यह धनराशि राज्य वित्त आयोग व 13वें वित्त आयोग से खर्च की जाएगी। शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सीतापुर जिला पंचायत के कार्यों पर सवालिया निशान लगाया था। जिला पंचायत सदस्य सरोजनी देवी की याचिका पर यहां के 174 टेंडर यह कहकर निरस्त कर दिए थे कि इन टेंडरों को महज 90 मिनट में बिना चर्चा के ही पास कर दिया गया था। इसके बाद जिला पंचायत में खलबली मच गई थी।
जिस पर 3 सितंबर को नियोजन व विकास की बैठक हुई थी। शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। जिसमें सदस्यों ने अपने-अपने प्रस्ताव रखे। जिस पर 56 करोड़ रुपये की कार्ययोजना पास हुई। इस बजट से जिले में सीसी रोड़, इंटरलॉकिंग, नाली, खड़ंजा, पुलिया सहित तमाम विकास कार्य होंगे।
यह धनराशि राज्य वित्त एवं 13वें वित्त आयोग की शेष रकम (करीब तीन करोड़) से खर्च की जाएगी। इस दौरान विधायक रामपाल यादव, सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव, परियोजना निदेशक केके सिंह सहित तमाम जिला पंचायत सदस्य व अधिकारी मौजूद रहे।
चोरी सोलर लाइट का उठा मुद्दा
बोर्ड बैठक में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सीमा गुप्ता के कार्यकाल में चोरी हुई सोलर लाइटों का मुद्दा उठा। सदस्यों का कहना था कि जिला पंचायत द्वारा जिले भर में एक हजार से अधिक सोलर लाइटें लगवाई गई थी। जिसमें 200 के करीब चोरी हो गई हैं। इससे ग्रामीणों को बहुत दिक्कत हो रही हैं। जिस पर आरोपियों के खिलाफ जांच कराने की सहमति बनी।