सीतापुर। जिले में मनरेगा की बड़ी परियोजनाओं मेें जिम्मेदार गड़बड़झाला करने से चूक नहीं रहे हैं। लगातार उनके द्वारा अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इन योजनाओं में सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसा ही मामला विकास खंड बेहटा की दो ग्राम सभाओं में उजागर हुआ है। यहां की तीन बड़ी परियोजनाओं की प्राविधिक परीक्षक की जांच में 41 हजार 490 रुपये का दुरुपयोग होना पाया गया। जांच टीम ने इसके लिए दो प्रधानों समेत छह लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। अब दोषियों से मनरेगा के धन की वसूली की जाएगी।
विकास खंड बेहटा की ग्रामसभा भदफर एवं बरेती में बीते सात मनरेगा से कई काम कराए गए थे। यहां की चार बड़ी परियोजनाओं की जांच तकनीक संपरीक्षा प्रकोष्ठ (टीएसी) ग्राम्य विकास विभाग लखनऊ मंडल के प्राविधिक परीक्षक महेन्ंद्र कुमार ने की। यह वह परियोजनाएं हैं, जिन पर वित्तीय वर्ष 2017-18 में अधिक धनराशि खर्च की गई।
ग्रामसभा भदफर में भदफर रोड से ढोलनपुर तक मार्ग पर मिट्टी एवं पुलिया का निर्माण मनरेगा से कराया गया। इसकी जांच में पाया गया कि एप्रोच के निर्माण में मिट्टी का कार्य इम्प्रापर तहों पर करा दिया गया। इसलिए इस कार्य से संबंधित अफसर एवं कर्मचारियों से 15193 रुपये की वसूली की जाएगी।
ग्राम पंचायत भदफर रोड से ढोलनापुर मार्ग पर पुलिया एवं एप्रोच मार्ग निर्माण की स्थलीय जांच प्राविधिक परीक्षक ने की। इसमें मिट्टी भराई का काम इम्प्रापर तहों में कराया गया, इसलिए कार्य से संबंधित अफसरों/कर्मियों पर 10395 रुपये की वसूली प्रस्तावित की है।
ग्रामसभा बरेती में झब्बू के खेत से राम सिंह के खेत तक मार्ग पर पुलिया एवं एप्रोच निर्माण कार्य की तकनीकी जांच की गई। इसमें भी अनियमितता मिली। प्रोफाइल के मध्य में इम्प्रापर तहों में मिट्टी की भराई नहीं की गई। इस कार्य से संबंधित अफसर-कर्मियों से 15802 रुपये वसूले जाएंगे। ग्रामसभा बरेती में नवल किशोर के खेत से भगौती के खेत तक मिट्टी कार्य सामान्य पाया गया।
इनसे होगी रिकवरी
प्राविधिक परीक्षक ने जांच रिपोर्ट मुख्य प्राविधिक परीक्षक एपेक्स तकनीकी संपरीक्षा प्रकोष्ठ ग्राम्य विकास को कार्रवाई को भेजी है। इसमें दोनों सभाओं के प्रधान एवं दो तकनीकी सहायक के साथ ही दो पंचायत सचिवों से समान धनराशि वसूलने को कहा है। इस बाबत ग्राम्य विकास विभाग के उपायुक्त मनरेगा बृजेंद्र शुक्ल ने जिला कार्यक्रम समन्वयक/डीएम को मनरेगा के नियमों एवं एसओपी के आधार पर कार्यवाही करने के लिए पत्र भेजा है।
वर्जन
प्राविधिक परीक्षक की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई। संबंधित पंचायत सचिव, प्रधान, तकनीकी सहायक से मनरेगा में दुरुपयोग किए गए धनराशि की वसूली जाएगी। इसके लिए खंड विकास अधिकारी को पत्र भेजा जा रहा है।
- सुशील कुमार सिंह, डीसी मनरेगा