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अध्यक्ष व ईओ के बीच हुई जमकर तकरार

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दाखिल खारिज का पावर व शहर में एलईडी लाइट लगवाने का मुद्दा बनी मुख्य वजह
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सीतापुर। नगर पालिका की बोर्ड बैठक में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। अध्यक्ष व ईओ के बीच गालीगलौज भी हुई। हंगामे की मुख्य वजह दाखिल खारिज करने का पावर व शहर में लगने वाली एलईडी लाइटें रही। एक ओर जहां ईओ ने बताया कि शासन की तरफ से लाइटें लगवाई जाएंगी।

वहीं अध्यक्ष पालिका के बजट से ही लाइटें खरीदकर लगवाने की बात पर अड़ गए। कुछ सभासदों ने भी अध्यक्ष के स्वर में स्वर मिलाया। आखिर में बोर्ड बैठक में शासन से लगनी वाली लाइटों का प्रस्ताव खारिज हो गया। इस दौरान कई सभासद सफाई कर्मचारी के न आने, डस्टबिन न मिलने सहित तमाम समस्याओं को लेकर भिड़े रहे।
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नगर पालिका की बोर्ड बैठक पुराने कार्यालय में सुबह 11 बजे शुरू हुई। अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने ईओ निहाल चंद को बोर्ड बैठक का एजेंडा पढ़ने की अनुमति दी। पहला एजेंडा दाखिल खारिज करने के पावर को लेकर उठा। इस पर सभासद अध्यक्ष को पावर मिलने की बात पर जोरशोर से चिल्लाने लगे।

सभासद अध्यक्ष व ईओ के कुर्सी तक आ गए। आखिर में इस मामले का निस्तारण नियमानुसार किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ। इसके बाद शहर में लगी लाइटों को एलईडी लाइटों में बदले जाने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर ईओ ने बताया कि ये लाइटें शासन की तरफ से लगाई जाएंगी। जल्द एग्रीमेंट होने वाला है।

यह ईईएसएल कंपनी की होगी। लेकिन अध्यक्ष इसके विरोध में उतर आए। उनका कहना था कि बिना बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास किए कैसे लाइटें लग जाएंगी। कई सभासद भी इन लाइटों के विरोध में आ गए। इस बात को लेकर जमकर हो हंगामा हुआ।

अध्यक्ष इतना अधिक उग्र हो गए कि उन्होंने भरी बैठक मेेें ईओ से गालीगलौज कर दी। उल्टे कुछ सभासद ईओ पर गालीगलौज करने का आरोप लगाते हुए चिल्लाने लगे। आखिर में इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद अन्य प्रस्तावों को मेज थपथपाकर पास कर दिया।

क्या अंधेरे में रहेगा शहर
शासन से मिलने वाली लाइटों के प्रस्ताव को बोर्ड बैठक ने खारिज कर दिया है। अध्यक्ष व कुछ सभासद 14वें वित्त, अवस्थापना निधि से लाइटें लगाने की बात कह रहे थे। वहीं ईओ का कहना है कि डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन निधियों से लगाने का मुद्दा उठा था।

जिसमें डीएम ने कहा कि जब शासन से लाइटें मिल रही हैं तो इन निधियों को क्यों इस्तेमाल किया जाए। इस पर यह प्रस्ताव खारिज कर दिया था। अब जब बोर्ड बैठक में शासन की लाइटों को निरस्त कर दिया गया है। ऐसे में अब शहर अंधेरे में ही रहेगा। ईओ का कहना है कि अन्य निधियों से लाइटें खरीदने की डीएम ने भी अनुमति नहीं दी है।

छाई रहीं समस्याएं
बोर्ड बैठक में अधिकतर सभासद अपनी-अपनी समस्याओं का निस्तारण न होने की बात पर चिल्लाते रहे। कोई ईओ पर सुनवाई न होने का आरोप लगाता तो कोई पालिका से सुविधा न मिलने की शिकायत करता रहा।

सभासदों की प्रमुख समस्याएं वार्ड में सफाई कर्मचारी न आने, डस्टबिन न मिलना, नाला गैंग न मिलना, खराब लाइटों को दुरुस्त न करना, इंडिया मार्का हैंडपंप दुरुस्त न होना, जलभराव व नाले-नालियों की सफाई आदि छाई रहीं।

बैठक में येे प्रस्ताव हुए पास
प्लास्टिक कूड़ा कचरा का निस्तारण, अमृत योजना के तहत जल निगम को जलापूर्ति के लिए नगर में भूमि उपलब्ध कराने, अमृत योजना में नगर के पार्कों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भेजने, नगर की पानी टंकियों की रंगाई पुताई कराने का प्रस्ताव पास हुआ। इसके अलावा वाहनों, कूड़े दानों की मरम्मत व निष्प्रयोज्य वाहनों एवं जलकल सामग्री का निस्तारण कराने का प्रस्ताव हुआ।

जिस पर इनका मूल्यांकन कराने के बाद अगली बोर्ड बैठक में रखने का प्रस्ताव हुआ। झूलेलाल पार्क को सौंदर्यीकरण करने के लिए एचडीएफसी बैंक को पांच साल के लिए दिए जाने, खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत व पाइपलाइन की सामग्री न्यूनतम दर पर खरीदने का प्रस्ताव पास हुआ।

इसके अलावा स्वकर निर्धारण प्रणाली लागू किए जाने का प्रस्ताव निरस्त कर दिया। मस्टर रोल पर सभासदों द्वारा सत्यापन अनिवार्य रुप से किए जाने का भी प्रस्ताव हुआ।
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शासन से करेंगे शिकायत
लाइटें व दाखिल खारिज को लेकर हो-हंगामा हुआ था। लाइट का प्रस्ताव बोर्ड बैठक ने खारिज कर दिया है। दाखिल खारिज नियमानुसार कराए जाने का प्रस्ताव हुआ है। बैठक में अध्यक्ष ने अमर्यादित व्यवहार किया है। इसकी शासन से शिकायत करूंगा।
-निहाल चंद, ईओ
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