लिस्ट में खोजते रहे नाम, नहीं कर सके मतदान
सीतापुर। नगर निकाय चुनाव में सबसे बड़ी समस्या वोटर लिस्ट से नाम गायब होने की रही। यह समस्या तकरीबन हर मतदान केंद्र पर रही।
कहीं पर पूरे परिवार के नाम लिस्ट से गायब मिले तो कहीं पति-पत्नी का नाम रहे पर बच्चों के नाम गुम मिले। वोटरलिस्ट में बूथ बदलने में भी खूब गड़बड़ी रहीं।
पहले जहां पति-पत्नी एक साथ वोट करते थे। इस बार दोनो को अलग-अलग कर मतदान केंद्रों पर कर दिया गया। इसे लेकर मतदाताओं में आक्रोश रहा। किसी ने सेक्टर मजिस्ट्रेट तो किसी ने कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराई। यह सिलसिला दिनभर चलता रहा।
इस बार वोटरलिस्ट में जमकर गड़बड़ी हुई है। सीतापुर नगरपालिका के मतदान केंद्र जनता कन्या पाठशाला पर मोहम्मद वसीर वोट डालने आए थे।
इनका कहना था परिवार के अन्य छह सदस्यों के वोट थे। पिछली बार सभी ने मतदान किया था। लेकिन इस बार पूरे परिवार के नाम लिस्ट से हटा दिए गए।
इसी प्रकार वसीदा इसी केंद्र पर वोट करने आई थी। वह भी बिना मतदान के ही वापस लौट गई। कजियारा के वसीर परिवार के आठ लोगों के नाम लिस्ट से गायब थे।
इसकी जानकारी जब हुई तब वे वोट करने पहुंचे। वे भी लौट गए। ग्वालमंडी निवासी हरिश्चंद्र सक्सेना के परिवार के दस वोट थे। वोटरलिस्ट से यह सब नाम गायब रहे।
यह देख हरिश्चंद बहुत दुखी हुए। शिकायत भी की, लेकिन वह मतदान से वंचित रह गए। विकास नगर निवासी मनोज शुक्ल खुद अपना वोट डालने से वंचित रह गए।
वह कई बार वोटरलिस्ट को चेक किया, लेकिन उनका नाम गायब रहा। विजयलक्ष्मी नगर अंकुर चिरानिया ने मतदान करनी की ठानी थी। जब उनका नाम सूची में नहीं मिला वह उन्होंने शिकायत दर्ज कराई।
इसी प्रकार तरीनपुर निवासी शिवम मिश्र अपने परिवार के साथ पोलिंग बूथ पर सुबह ही पहुंच गए। इसको लेकर उनके अंदर काफी उत्साह था।
लेकिन लिस्ट में एक भी परिवार के सदस्य का नाम था। इसी प्रकार सीतापुर नगरपालिका के कांशीराम कॉलोनी (चौबेटोला) के सलील, सुनील व रोहन परिवार के साथ वोट करने पहुंचे थे।
लेकिन इन सभी के वोटर लिस्ट से नाम गायब रहे। ऐसे ही यहां पर कई परिवार शामिल है। कुछ ऐसी ही गड़बड़ी पूरे जनपद में रही।
इससे मतदाताओं में काफी आक्रोश रहा। उनको कसक इस बात की रह गई कि पांच बरस इंतजार करने के बाद अपना नुमाइंदा चुनने में भागेदारी नहीं कर सके।