अघोषित बिजली कटौती से लोगों का बुरा हाल
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। जिले में इन दिनों बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। कटौती का आलम यह कि बिजली कब गुल होती है कब आती है, कोई समय नहीं है। बेतहाशा अघोषित कटौती से लोगों का बुरा हाल है। इससे लोगों में भारी रोष है।
गौरतलब है कि शहर में 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर निर्धारित है। पर इन दिनों रोस्टर के हिसाब से आपूर्ति नहीं हो रही है। शहर में बमुश्किल 13 घंटे जबकि गांवों में आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इसके साथ ही लोकल फाल्ट से भी कटौती होती रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी रात में होती है। लोग उमस भरी गर्मी से परेशान होकर छतों पर जागकर रात काटने को मजबूर होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों का हाल इससे भी बुरा है। बिजली आती भी है तो वोल्टेज इतना लो होता है कि पंखा तक नहीं चलता। ग्रामीण हाथ का पंखा झलने पर मजबूर होते हैं।
बिजली का दुरुपयोग रुके तो सुधरें हालात
जितनी बिजली मिलती है, उसी में काम चलाना है। आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए लाइन लॉस में कमी जरूरी है। उपभोक्ता भी बिजली का दुरुपयोग न करें और समय पर बिल जमा कर व्यवस्था में सुधार के लिए सहयोग करें।
-एके श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन