पिसावां (सीतापुर)। कस्बे से लेकर ग्रामीण इलाकों तक झोलाछापों का जाल फैला हुआ है। पिसावां, गुरसंडा, सहुवापुर, बराहमऊ, जलालनगर, जल्लापुर, बरगांवा, सेज और हजियापुर समेत कई गांवों में 50 से अधिक अप्रशिक्षित लोग खुलेआम मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
ये झोलाछाप न केवल प्राथमिक उपचार कर रहे हैं, बल्कि मरीजों को भर्ती तक कर लेते हैं और एलोपैथिक दवाएं भी दे रहे हैं। गलत इलाज के चलते कई मरीजों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग इन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगा पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब कोई बड़ी घटना होती है, तभी विभाग सक्रिय होता है। एक-दो जगह कार्रवाई के बाद अभियान ठंडा पड़ जाता है, जिससे झोलाछापों के हौसले बढ़ जाते हैं।
इन मामलों ने खोली पोल-
कुतुबनगर में गलत इलाज से महिला की मौत
कोटरा मोड़ स्थित क्लीनिक में इलाज के दौरान मरीज ने दम तोड़ा
नेरी के एक अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत
बरगांव में प्रसव के दौरान बच्चे की जान गई
झोलाछापों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज और 14 को नोटिस दिए गए हैं। आगे भी सख्त कार्रवाई होगी।
-डॉ. संतोष चौधरी, सीएचसी अधीक्षक