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50 फीसदी बच्चे भी नहीं पहुंच रहे स्कूल

Thu, 27 Apr 2017 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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परिषदीय विद्यालयों में ऐसे में ही कई स्कूल हैं, जहां पर छात्रों की उपस्थित लगातार गिरती जा रही है। हालात यह है उपस्थित का आंकड़ा 50 प्रतिशत भी पार नहीं कर रहा है। शिक्षक केवल कोरम पूरा कर रहे है। शिक्षक इसके पीछे अभिभावकों को दोषी ठहरा रहे है। अभिभावक इसके पीछे शिक्षा का गिरता स्तर व शिक्षकों की पढ़ाई में रुचि न लेने की बात कह रहे है। 
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हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि प्राइमरी स्कूलों में सही छात्र संख्या पता करें। छात्र संख्या में घालमेल का मामला उजागर होने पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नियमित निरीक्षण और जांच करने को कहा है।

बेसिक विभाग का कहना है कि छात्र संख्या में घालमेल का अभी जनपद में ऐसा कोई मामला उजागार नहीं हुआ है। फिर भी कई जगहों पर ऐसी शिकायती आती रहती है। गुरुवार को अमर उजाला की तरफ से किए गए निरीक्षण में स्कूल में मौजूद संख्या व उपस्थित रजिस्ट्रर में काफी अंतर दिखाई दिया। इसके अलावा स्कूलों में छात्र संख्या भी बेहद कम रही।
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बेसिक विभाग के मुताबिक जनपद में 3015 व 1148 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इन विद्यालयों में पांच लाख 49 हजार 554 नौनिहाल पंजीकृत है। इन सभी नौनिहालों को ड्रेस मुहैया कराई जा चुकी है। जिला समन्यवक मध्यान्ह भोजन बृजमोहन सिंह का कहना है इन स्कूलों में औसतन प्रति माह 55 से 60 फीसदी के करीब उपस्थित रहती है।

उपस्थित कम, रजिस्ट्रर पर मिले अधिक बच्चे
एलिया विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय शेखापुर। यहां पर 80 बच्चे पंजीकृत है लेकिन मौके पर 21 बच्चे ही मिले। उपस्थित रजिस्टर पर 49 दर्ज किए गए थे। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक विद्यालय इमलिया सुल्तानपुर में 214 बच्चे पंजीकृत है। यहां 32 बच्चे स्कूल में पढ़ते मिले। शिक्षकों द्वारा उपस्थित रजिस्ट्रर पर 128 बच्चों की हाजिरी दर्ज की गई थी।

कम बच्चे पहुंच रहे स्कूल
बिसवां विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय भुरकुडी प्रथम में 106 बच्चे पंजीकृत है। गुरुवार को 35 बच्चे स्कूल में बैठकर पढ़ रहे थे। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय भुरकुडी द्वितीय में भी 106 बच्चों का पंजीकरण है। इसमें 45 बच्चे पढ़ रहे थे। प्रधानाध्यापक मोहम्मद रफीक व मालती देवी ने बताया बच्चे इस समय गेहूं की कटाई में व्यस्त है। अभिभावक भी  बच्चों को भेजने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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