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पांच बरस बाद भी नहीं शुरू हो सकी पाइप लाइन सप्लाई

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सीतापुर। शहर की नव विकसित कॉलोनियों को पाइप लाइन के जरिए पानी आपूर्ति की कवायद पांच साल बाद भी नहीं पूरी हो सकी। गल्ला मंडी परिसर में बनी टंकी शोपीस बनकर रह गई है। कुछ मोहल्लों में तो पाइप लाइन बिछाई गई। उसके बाद न तो पाइप लाइन आगे बढ़ी और न ही दुरुस्त स्थानों पर आपूर्ति शुरू हो पाई।
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इसको लेकर कई बार कैंप लगाकर कनेक्शन देकर काम शुरू किया गया, लेकिन यह अपने मुकाम तक नहीं पहुंच सका। इससे करीब 20 मोहल्लों में पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। यहां के बाशिंदे निजी साधनों के जरिये अपनी प्यास बुझा रहे हैं। टंकी से वाटर आपूर्ति न होने से 20 मोहल्लों के लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।

शहरी निकाय इलाके के कैंची पुल के पार पुराना सीतापुर बसा है। यहां के विकास नगर, खूबपुर, इस्माइलपुर, भार्गव कॉलोनी, गौशाला, नवीन चौक सहित करीब 20 मोहल्लों में पालिका की वाटर सप्लाई नहीं है। जिस कारण यहां के बाशिंदे इससे वंचित हैं।
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इन मोहल्लों के घरों में वाटर की सप्लाई पहुंचाने के लिए बरसों पहले नगरपालिका की ओर से गल्ला मंडी परिसर में पांच लाख गैलेन क्षमता की पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। साथ ही मोहल्लों में पाइप लाइन बिछवाई गई थी। इसके अलावा नगर पालिका की ओर से कैंप लगाकर लोगों से कनेक्शन लेने की अपील की गई थी, जिसमें लोगों ने जागरूकता दिखाते हुए कनेक्शन भी लिए थे।

इस टंकी से विकासनगर, खूबपुर, इस्माइलपुर, भार्गव कॉलोनी, गौशाला, नवीन चौक सहित करीब 20 मोहल्लों में पेयजल की आपूर्ति होनी है, पर ट्रायल में ही यहां की भूमिगत वाटर सप्लाई लाइन फेल हो गई थी। जिस कारण यहां के लोगों के घरों तक वाटर सप्लाई पहुंचाई नहीं जा सकी है। हालात यह हैं कि इस टंकी को बने हुए पांच साल से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अभी तक यहां से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। मौजूदा वक्त में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

ईओ निहाल चंद ने कहा कि पहले नगर पालिका की ओर से कनेक्शन देकर आपूर्ति शुरू करने का प्लान था। अब इसे अमृत योजना में डाल दिया गया है। जल निगम ही पाइप लाइन का विस्तार करके सुचारु रूप से आपूर्ति शुरू करेगा।

30 हजार लोगों को मिलेगी सुविधा
गल्ला मंडी परिसर में बनी टंकी दिखावा बनकर रह गई है। इस टंकी से 20 से अधिक मोहल्ले जुड़े हुए हैं। अगर इससे पानी की आपूर्ति शुरू हो जाए तो करीब 30 हजार आबादी को इससे फायदा मिलेगा। इस समय यह लोग हैंडपंप व निजी साधनों के जरिए अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। जल्द वाटर सप्लाई आने पर इनकी बहुत सी समस्याएं निस्तारित हो जाएंगी। वह आसानी से पेयजल पा सकेंगे।
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