‘वोट की कीमत जानने पर ही बनेगा स्वस्थ लोकतंत्र’
सीतापुर। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने कहा कि बिना त्याग व तपस्या के कोई चीज सुधरती नहीं है। वोट डालने का क्या मापदंड है, वोट हम सभी को क्यों डालना चाहिए, यह समझना होगा।
मतदान को अपना दायित्व मानते हुए हर हाल में वोट डालना होगा। जब हम वोट की कीमत जान लेंगे तभी स्वस्थ लोकतंत्र का निर्माण संभव होगा। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी मतदाता साक्षरता कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
जिले में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से कम होने पर चिंता जताते हुए कहा कि यह अंतर दूर करने के लिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। प्रजातंत्र का क्या लक्ष्य है और क्या उद्देश्य है, हमारे पूर्वजों ने इसे क्यों अपनाया, इसके बारे में हमें जानना होगा।
अफसरों से कहा कि पोलिंग बूथों का मूल्यांकन कर वहां शौचालय, पेयजल, रैम्प व विद्युत व्यवस्था जांच कर जहां कमी मिले, दूर कराएं। विशिष्ट अतिथि मुख्य निर्वाचन अधिकारी संयुक्त डॉ. अलका वर्मा ने कहा कि जो पात्र बचे हैं वे वोटर बन जाएं।
इसके लिए पहली जून 2018 से बीएलओ डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे। कहा कि सत्यापन के दौरान युवा वर्ग, महिलाओं और दिव्यांगजनों को भी मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा।
उन्होंने सभी प्राचार्यों से कहा कि आप के यहां जो सबसे सक्रिय अध्यापक है, उसको नोडल अधिकारी बनाएं तथा सबसे एक्टिव बच्चे को अंबेसडर बना दें। सरकारी व प्राइवेट दफ्तरों और स्वयंसेवी संस्थाओं में भी अंबेसडर बनाए जाएं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने कहा कि हमारे समाज में जो भ्रांतियां हैं बच्चे नाटक के माध्यम से इनको दूर करें। उन्होंने सभी एसडीएम से बीएलओ व सुपरवाइजर की नियुक्ति के बारे में जानकारी ली और कहा कि उनकी ट्रेनिंग करा दी जाए।
सीएमओ से कहा कि आपके यहां से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होते हैं, वह लिस्ट इन्हें उपलब्ध करवा दें। कार्यशाला को सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुनीता सिंह, सीडीओ डीके तिवारी, एडीएम विनय पाठक, एसपी आनंद कुलकर्णी ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर सीएमओ डॉ. आरके नैयर, बीएसए, सभी एसडीएम, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे।