सीतापुर। सतयुग की विरासत संजोए 84 कोसी परिक्रमा का पावन मार्ग सोलर लाइटों से रोशन होगा। पहले चरण में नैमिष से चार किमी के दायरे में 400 सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। इस पर 9.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पर्यटन विभाग यह काम आगामी परिक्रमा तक पूरा कराने की कवायद में जुट गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से नैमिषारण्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई विकास कार्य कराए जा रहे हैं। यहां हर साल फाल्गुन माह में होने वाली 84 कोसी परिक्रमा का विशेष महत्व है। इस परिक्रमा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु व साधु-संत नैमिष पहुंचते हैं।
साधु-संतों व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिक्रमा मार्ग भी संवारा जा रहा है। नैमिष से शुरू होने वाली इस ऐतिहासिक परिक्रमा का पावन मार्ग अब सोलर लाइटों से जगमग करेगा। नैमिष के मां ललिता देवी तिराहे से परिक्रमा मार्ग तक चार किमी. के दायरे में 400 सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। इस कार्य पर 9.24 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (यूपीएसटीडीसी) को सोलर लाइटें लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह परिक्रमा ब्रम्हमुहूर्त में शुरू होती है। अंधेरे में ही साधु-संत व श्रद्धालु परिक्रमा मार्ग पर निकल पड़ते हैं। सोलर लाइटें लगने से श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।