कोर्स कंप्लीट न होने के पीछे कॉलेज पंचायत चुनाव को दोषी ठहरा रहे हैं। कोर्स अधूरा होने के साथ ही परीक्षाएं सिर पर आने से स्टूडेंट्स परेशान हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही है।
शुक्रवार को शासन ने टाइम टेबल जारी कर दिया। जनवरी माह में प्रयोगात्मक परीक्षाएं होंगी, लेकिन अभी तक अधिकांश कॉलेजों में 40 फीसदी कोर्स अधूरा है। वहीं 25 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश शुरू हो जाएगा।
ऐसे में कोर्स पूरा कराने के लिए शिक्षकों के पास बहुत कम समय बचेगा। इतने समय में कोर्स पूरा कर रिवीजन कराना मुश्किल है, जिससे विद्यार्थियों के माथे पर चिंता की लकीरें सताने लगी हैं।
विद्यार्थियों का कहना है पिछले दो माह से नियमित कक्षाएं नहीं चल रही हैं। अब जब तिथि घोषित हो चुकी है तो कोर्स अधूरा है। अगर पूरा होगा तो रिवीजन का समय नहीं मिल पाएगा। इसका असर परीक्षा की तैयारी पर पड़ेगा। वहीं कॉलेज इसके पीछे पंचायत चुनाव होने की दलील दे रहे हैं।