सीतापुर। जिले में शौचालय की धनराशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है। एक ग्रामसभा में बिना शौचालय बनवाए 40 लाख रुपये निकाल लिए गए। 422 शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया। जो शौचालय बनाए गए उसमें पानी की टंकी नहीं बनी है। आठ शौचालय बिना गड्ढे के बने मिले। इसका खुलासा एडीओ पंचायत की जांच में हुआ है।
प्रकरण विकासखंड परसेंडी की ग्रामसभा तालगांव का है। यहां शौचालय बनवाने के लिए बीते वर्षों में भेजी गई धनराशि का प्रधान एवं सचिव ने मिलकर दुरुपयोग किया। इस ग्रामसभा में 722 शौचालय बनवाने के लिए धनराशि ग्राम निधि के खाते में भेजी गई थी। चार मार्च 2014 से 27 दिसंबर 2018 तक 11 किश्तों में 74 लाख 65 हजार रुपये ग्राम निधि में भेजे गए।
इस धनराशि पर आठ किश्तों में 43 हजार 867 रुपये ब्याज प्राप्त हुआ। यह धनराशि निकाल ली गई। मात्र खाते में 3994 रुपये शेष है। 102 शौचालयों की धनराशि लाभार्थी के खातों में दी गई। सत्यापन के सय ग्रामसभा में प्रधान द्वारा एवं लाभार्थी के खाते में प्राप्त धनराशि से मौके पर मात्र तीन सौ शौचालय बने पाए गए। किसी भी शौचालय में टंकी नहीं बनाई गई है।
आठ शौचालय बगैर गड्ढे के बने पाए गए। मात्र 35 शौचालयों में रंगाई कराई गई है। 422 शौचालय मौके नहीं पाए गए। जबकि धनराशि निकाल ली गई है। जांच में प्रधान नजमद्दीन एवं ग्राम विकास अधिकारी मो. इफ्तिखार अली (सेवानिवृत्त), निलंबित ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज शर्मा की मनमानी उजागर हुई है। करीब 40 लाख से अधिक धनराशि का दुरुपयोग की आशंका है।