210 मरीजों को मिला इलाज
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ढखेरा में डॉ. तलत जहां ने 33 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें दवा दी। उन्होंने बताया कि अधिकांश मरीज बुखार, जुकाम व खांसी से पीड़ित होकर आए थे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरविंद वाजपेयी ने बताया कि क्षेत्र के पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 210 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई और आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए जागरूक किया।
बुखार के मरीज अधिक आए
पीएचसी चतुरैया में डाॅ. मुसर्रत अली ने 55 मरीजों का इलाज किया। चिकित्सक के मुताबिक बदलते मौसम में अधिकांश मरीज सर्दी जुकाम बुखार से पीड़ित आए थे। इलाज कराने आई रामकली व ज्योति ने बताया कि बुखार की शिकायत थी। चिकित्सक ने दवाई दी है। लैब टेक्नीशियन आदित्य कुमार, काउंसलर नीलम तिवारी व वार्ड बॉय सचिन मिश्रा मौजूद रहे।
14 मरीजों को मिला इलाज
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सकरन में आयुष चिकित्सक डॉ. भंडेल ने कुल 14 मरीजों को दवा दी। इसमें चर्म रोग के 4, पेट रोग के 3, शुगर रोग के 2, सांस रोग के 2 व जाड़ा बुखार के 3 मरीजों को देखकर दवा दी। मेले में फार्मासिस्ट सिद्दीकी, एलटी अशोक कुमार, स्टाफ नर्स शशिकांती व आशा रेखा बाजपेयी मौजूद रही।
123 मरीजों की दूर हुई समस्या
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेवता में चिकित्सक डॉ. विजय कुमार ने करीब 123 मरीजों का उपचार कर दवाएं वितरित कीं। उन्होंने बताया कि अधिकतर मरीज बुखार, खांसी और जुकाम व पेट से पीड़ित थे। स्वास्थ्य केंद्र पर वर्तमान में स्थायी रूप से कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। अस्थायी व्यवस्था के तहत उन्हें यहां नियुक्त किया गया है। डॉ. विजय कुमार सप्ताह में तीन दिन रविवार, मंगलवार और बृहस्पतिवार को मरीजों का उपचार करेंगे।
72 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगा जन आरोग्य मेला
सीतापुर। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में रविवार को मरीजों की भीड़ उमड़ी। 72 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब 3700 मरीजों ने इलाज करवाया। इस दौरान अधिकतर मरीज जुकाम, खांसी, बुखार, पेट दर्द व त्वचा रोग के आए थे। सुबह 10 बजे से मेले की शुरुआत हुई। दो बजे तक काफी भीड़ दिखी। इसके बाद अधिकतर केंद्रों पर सन्नाटा दिखाई दिया।
चिकित्सकों ने मरीजों का प्राथमिक इलाज किया। शुरुआती जांच में रोगों की पहचान न होने पर सीएचसी व जिला अस्पताल से जांच करवाने की सलाह दी। लगातार बुखार आने पर मरीजों को मलेरिया व डेंगू की जांच करवाने की बात कही। सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पतालों में पर्याप्त दवाओं का स्टॉक बना हुआ है।