सीतापुर। जिले में 38 लाइसेंस धारी स्थायी पटाखा विक्रेता पंजीकृत हैं। अभी अस्थाई लाइसेंस जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण इसके बावजूद हर गली मोहल्ले में पटाखे की दुकानें सजी हैं। इन दुकानों पर सुरक्षा के मानक दर किनार कर पटाखों की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। स्थायी पटाखा कारोबारियों की दुकानों के बाहर भी अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजाम गायब मिले।
शहर के घंटाघर से रंपा रोड पर कई पटाखा दुकानें लगी हैं। दुकानदारों के अनुसार वह छोटे बच्चों के पटाखाें की बिक्री कर रहे हैं।इन दुकानों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं दिखाई दिये। इसी तरह नवीन चौक के पास पटाखा दुकान के बाहर पानी का कोई भी इंतजाम नहीं दिखाई दिया। बाल्टियों से भी बालू गायब थी। थोक पटाखा कारोबारियों ने दिवाली पर बिक्री के लिए पटाखा भंडारण के स्थान भी रिहायशी इलाकों में बनाए हैं।
तीन दिन पूर्व जारी होंगे अस्थाई लाइसेंस
सिटी मजिस्ट्रेट कृष्णनंद तिवारी ने बताया कि जिले में पटाखा दुकानों के स्थाई लाइसेंसाें की संख्या 38 है। दिवाली के तीन दिनों पूर्व ही अस्थाई पटाखा दुकानों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष सिंह ने बताया कि स्थाई तौर पर स्थापित पटाखा की दुकानों को सतर्कता बरतनी चाहिए।