सीतापुर। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में रविवार को डिहाईड्रेशन के मरीज अधिक पहुंचे। 3600 मरीजों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित मेले में इलाज करवाया। इनमें से करीब 2500 मरीजों में डिहाईड्रेशन की समस्या बनी हुई थी। चिकित्सकों ने एक सप्ताह की दवा दी।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला रविवार को 72 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित किया गया। सुबह 10 बजे से मरीज पहुंचने लगे। 12 बजे तक काफी भीड़ बनी रही। दोपहर बाद सन्नाटा पसर गया। चिकित्सकों ने बताया कि तेज धूप के कारण दोपहर में मरीज नहीं आ रहे हैं। इस समय मरीजों को सबसे अधिक ओआरएस का घोल दिया जा रहा है, जिससे शरीर में पानी की कमी न होने पाए।
सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि गर्मी में अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों के इलाज के लिए सभी दवाएं मौजूद हैं। मरीजों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
लहरपुर के पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। इनमें कुल 126 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाइयां दी गईं। पीएचसी खैरुल्लापुर में डॉ. रवि प्रकाश वर्मा ने 35 मरीजों को देखा। मरीजों को लू व गर्मी से बचाव के लिए जागरूक किया गया। अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सकरन में आयुष चिकित्सक डॉ. भंडेल ने चर्म रोग के तीन, पेट रोग के दो, शुगर रोग का एक, सांस संबंधी रोग के दो, बुखार के पांच मरीजों को देखकर उन्हें दवाइयां दीं। मेले में फार्मासिस्ट सिद्दीकी, स्टॉप नर्स शशिकांती, आशा रेखा वाजपेयी व एलटी अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेवता में डॉ. विजय कुमार ने 54 मरीजों का उपचार किया। मेले में ज्यादातर मरीज बुखार, खांसी, जुकाम व पेट दर्द के आए। स्वास्थ्य केंद्र पर वर्तमान में स्थायी रूप से कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। डॉ. विजय कुमार रविवार, मंगलवार और बृहस्पतिवार को मरीजों का उपचार करते हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहांगीराबाद में चिकित्सक डॉ. अंशुमान शुक्ल ने 28 मरीजों का इलाज किया। फार्मासिस्ट अखिलेश पांडेय देवकलिया पीएचसी पर ड्यूटी करने गए हुए थे। डॉ. अंशुमान ने बताया कि ज्यादातर मरीज उल्टी-दस्त के आए। पेट दर्द, बुखार व खांसी के भी मरीज रहे।