सीतापुर। पैरामेडिकल के निदेशक डॉ. अतुल मिश्र ने सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिश्रिख में जेई विशेष टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आपसी सामंजस्य बनाकर अभियान को सफल बनाने की गुजारिश की है। कहा कि जेई टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों के टीके लगाए जाएंगे। यह अभियान आठ मार्च तक चलेगा। इस अभियान में एक वर्ष से 15 वर्ष तक के छूटे हुए बच्चों को जेई का टीका लगाया जाएगा।
इस अभियान में जिले में 40990 बच्चों का टीके लगाने का लक्ष्य है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके नैय्यर ने बताया कि जेई (जपानी इंसेफलाइटिस) एईएस रोग का एक प्रकार है, जो मच्छर के काटने से होता है। जेई एक जटिल वायरल रोग है जो कृषि क्षेत्रों में संक्रमित मच्छरों के काटने से होता है एवं गंभीरता की स्थिति में रोगी की मृत्यु हो जाती है।
जेई रोग से मृत्यु दर लगभग 20 से 30 प्रतिशत होती है। जीवित बच्चे व व्यक्तियों में लगभग 30 से 50 प्रतिशत मानसिक अथवा शारीरिक विकलांगता आ सकती है। जेई रोग में मुख्यत: बच्चे प्रभावित होते हैं। पर जेई रोग किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को हो सकता है। जेई रोग से बचने के लिए टीकाकरण एक प्रभावी एवं कारगर उपाय है। जिससे जेई की बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
जिले में वर्ष 2017 में जेई के केस 17 थे। इनके सापेक्ष तीन लोगों की मृत्यु हो गई थी। वर्ष 2018 में जिले में 24 केस निकले। पर एक भी मृत्यु नहीं हुई। वर्ष 2019 में अभी तक एक भी जेई का केस नहीं निकला है। पिछले दो वर्षों में जिले में जेई रोग से किसी की भी मृत्यु नहीं हुई है। सीडीओ ने अपील की कि सभी छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण किया जाए। जिससे सीतापुर जिला जेई रोग से मुक्त हो सके।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिह ने बताया कि जेई की लाइव वैक्सीन है, यह पूर्णतया सुरक्षित है। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक डॉ. केएन द्विवेदी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव द्विवेदी, डॉ. सुरेंद्र सिंह, राजकुमार,डॉ. प्रखर श्रीवास्तव, डॉ. विवेक सचान, राजेश सिंह आदि उपस्थित रहे।