सीतापुर। महमूदाबाद विकासखंड में बच्चे जर्जर व बदहाल हो चुके विद्यालय भवनों में जान हथेली पर रख कर पढ़ाई कर रहे हैं। इसका खुलासा बीईओ की स्थलीय जांच रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में 31 विद्यालयों के भवन व कक्षाओं के कक्ष को जर्जर व बदहाल स्थिति में बताया गया है। साथ ही खतरे की आशंका को देखते हुए इन विद्यालय भवनों में बच्चों के प्रवेश को प्रतिबंधित भी कर दिया गया है। डीएम के निर्देश पर अब इन विद्यालय भवनों व कक्षों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी।
जिलाधिकारी ने विद्यालय में अध्ययनरत नौनिहालों को बेहतर तरीके से सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। विकासखंड में कई विद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके है। बरसात के समय इनकी छतों से पानी टपकता है। इसके अलावा दीवारें जर्जर हो चुकी है। इससे इनके गिरने की आशंका बनी रहती है। प्रधानाध्यापकों ने बच्चों को खतरे से बचाने के लिए इन कमरों में कक्षाओं का संचालन भी करवा दिया है। इससे विद्यालय में बच्चों के पढ़ने के लिए जगह कम पड़ रही है। क्षमता से अधिक बच्चों को एक कमरे में बैठकर पढ़ना पढ़ रहा है। इस पर प्रधानाध्यापकों ने विद्यालयों में नये कमरे बनवाने की मांग भी की है।
3 दिसंबर को बीआरसी पर होगी नीलामी
बीईओ सीमा चौहान ने बताया कि डीएम के निर्देश पर अब जर्जर स्कूल भवनों को ढहाया जाएगा। इसकी नीलामी के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। अब तीन दिसंबर को इन विद्यालयों की बीआरसी पर नीलामी होगी। भवन ढहाने के बाद एक सप्ताह के अंदर मलबा उठाना होगा। समय से मलबा न उठाने पर 10 फीसदी जमानत राशि जब्त होगी।